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Maharashtra Polls: भाजपा ने 8 विधायकों को नहीं दिया टिकट, कांग्रेस ने 5 बदले; जानें शिवसेना का क्या रहा हाल?

Tue, 29 Oct 2024 10:19 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 29 Oct 2024 10:19 PM IST
सार

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों पर अपने मौजूदा विधायकों को टिकट न देने की परंपरा हावी दिखी है। दरअसल दोनों गठबंधन महायुति और महा विकास अघाड़ी की घटक दलों की तरफ से कुल 18 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया गया है।

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Maharashtra polls: BJP drops 8 sitting MLAs, Congress 5; Shiv Sena maintains status quo in line-up
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 - फोटो : FreePik

विस्तार

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा खत्म होने के साथ ही इसका खुलासा हुआ है कि प्रमुख राजनीतिक दलों में भाजपा और कांग्रेस ने सबसे अधिक मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया है। सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी एमवीए गठबंधन के सभी घटक की तरफ से मैदान में उतारे गए उम्मीदवारों की सही संख्या का पता नहीं लगाया जा सकता है, क्योंकि कुछ दलों ने कुछ सीटों पर दो उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दिया है। 
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कुल 18 मौजूदा विधायकों के काटे गए टिकट
बता दें कि भाजपा ने कुल आठ विधायकों को टिकट नहीं दिया है, जबकि कांग्रेस ने पांच विधायकों को टिकट नहीं दिया। इस कड़ी में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने दो-दो मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने विद्रोह के दौरान उनका साथ देने वाले लगभग सभी विधायकों को (सिवाय एक को छोड़कर) फिर से टिकट दिया है।
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भाजपा ने इन विधायकों को नहीं दिया टिकट
भाजपा की तरफ से सबसे चौंकाने वाले निर्णयों में से एक है मुंबई के बोरीवली से मौजूदा विधायक सुनील राणे की जगह संजय उपाध्याय को टिकट देना। वहीं मौजूदा विधायकों में अरनी से संदीप धुर्वे और उमरखेड से नामदेव सासने शामिल हैं, जिनकी जगह राजू तोड़सम और किसन वानखेड़े को टिकट मिला है। वहीं आर्वी से दादा केंचे और नागपुर सेंट्रल से विकास कुंभारे की जगह क्रमशः सुमित वानखेड़े और प्रवीण दटके को टिकट दिया है। सुमित वानखेड़े इससे पहले भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सहायक के रूप में काम कर चुके हैं, जबकि प्रवीण दटके पार्टी के मौजूदा एमएलसी हैं।
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सबसे दिलचस्प बात यह है कि चिंचवाड़ से अश्विनी जगताप की जगह उनके देवर शंकर जगताप को टिकट दिया गया है। पार्टी ने कल्याण पूर्व से जेल में बंद विधायक गणपत गायकवाड़ की पत्नी सुलभा गायकवाड़ को भी टिकट दिया है, जिन पर कथित तौर पर पुलिस थाने के अंदर शिवसेना के एक प्रतिद्वंद्वी पर गोली चलाने का आरोप है। इस बीच, वाशिम से चार बार के विजेता लखन मलिक की जगह श्याम खोड़े को टिकट दिया गया है।

कांग्रेस पार्टी ने पांच मौजूदा विधायकों को नहीं दिया टिकट
इस लिस्ट में कांग्रेस की ओर से जिन विधायकों को टिकट नहीं दिया गया हैं, उनमें श्रीरामपुर से लहू कनाडे की जगह हेमंत ओगले, जबकि पूर्व जिला परिषद अधिकारी राजकुमार पुरम आमगांव में सहसराम कोरोटे की जगह लेंगे। विशेष रूप से, शिरीष चौधरी फिर से चुनाव नहीं लड़ेंगे; इसके बजाय, उनके बेटे धनंजय रावेर से चुनाव लड़ेंगे। सुनील देशमुख अमरावती निर्वाचन क्षेत्र से और लैकीभाऊ जाधव इगतपुरी से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करेंगे। जबकि कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण क्रमशः अमरावती और इगतपुरी सीटों से सुलभा खोडके और हीरामन खोसकर को भी हटा दिया है, दोनों उम्मीदवारों को अब अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से नामांकन मिला है।

अन्य पार्टियों ने इन विधायकों के टिकट काटे
एनसीपी (एसपी) ने कटोल विधायक और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जगह उनके बेटे सलिल देशमुख को मैदान में उतारा है। माधा निर्वाचन क्षेत्र में शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने बबनराव शिंदे को दोबारा टिकट देने की बजाय अभिजीत पाटिल को उम्मीदवार बनाया। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने अर्जुनी मोरगांव से विधायक मनोहर चंद्रिकापुरे और आष्टी से बालासाहेब अजबे को टिकट देने से इनकार कर दिया। उनकी जगह क्रमशः पूर्व भाजपा मंत्री राजकुमार बडोले और पूर्व एमएलसी सुरेश धास को टिकट दिया गया है। शिवसेना ने पालघर से केवल एक मौजूदा विधायक श्रीनिवास वंगा को टिकट देने से इनकार कर दिया और उनकी जगह पूर्व लोकसभा सदस्य राजेंद्र गावित को मैदान में उतारा।


पुणे से तीन कांग्रेस नेता निर्दलीय मैदान में उतरे
पुणे से तीन वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिनमें एक पूर्व मेयर और एक पूर्व पार्षद शामिल हैं, 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवारों की सूची में जगह नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे हैं। इन नेताओं में पूर्व नगर निगम पार्षद उल्हास उर्फ आबा बागुल, पूर्व मेयर कमल व्याहारे और मनीष आनंद शामिल हैं। आबा बागुल ने पार्वती विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है, वहीं कमल व्याहारे और मनीष आनंद ने क्रमशः कस्बा पेठ और शिवाजीनगर निर्वाचन क्षेत्रों से अपना नामांकन दाखिल किया।

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