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Maharashtra: राम शिंदे बने महाराष्ट्र विधान परिषद के अध्यक्ष; आंबेडकर पर शाह की टिप्पणी को लेकर MVA का हंगामा
Thu, 19 Dec 2024 12:48 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 19 Dec 2024 12:48 PM IST
सार
विपक्ष ने अमित शाह के बयान को आंबेडकर का अपमान बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री के बयान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया।
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राम शिंदे
- फोटो : ANI
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विस्तार
भाजपा विधायक राम शिंदे निर्विरोध महाराष्ट्र विधान परिषद के अध्यक्ष चुने गए। परिषद के अध्यक्ष का पद राकांपा नेता रामराजे नाइक-निंबालकर के कार्यकाल समाप्त होने के बाद सात जुलाई 2022 से ही खाली था। राम शिंदे के निर्वाचित होने के बाद से ही विधानमंडल के दोनों सदनों के अध्यक्ष का पद भाजपा के पास है। पिछले हफ्ते भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर निर्विरोध महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर चुने गए थे। राम शिंदे आठ जुलाई 2022 को महाराष्ट्र विधानमंडल के उच्च सदन के सदस्य बने। इससे पहले, उन्होंने 2014-19 तक तत्कालीन देवेंद्र फड़नवीस सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया था। बता दें कि विधानसभा चुनाव में उन्हें कर्जत जामखेड विधानसभा सीट से राकांपा-एसपी नेता रोहित पवार से हार का सामना करना पड़ा था।
अमित शाह के बयान को लेकर बवाल
नागपुर में महाराष्ट्र विधान मंडल का शीतकालीन सत्र जारी है, लेकिन विपक्षी दलों के नेता पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी के बाद विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन और तेज हो गया। उन्होंने अमित शाह के बयान को संविधान निर्माता का अपमान बताया। विपक्ष ने कहा कि संविधान निर्माता का अपमान देश बर्दाश्त नहीं करेगा। विपक्षी दल महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के नेता गुरुवार को नीली टोपी और स्टोल पहनकर नागपुर के संविधान चौक से मोर्चा निकाला। विधान परिषद के परिसर में पहुंचने के बाद ही उन्होंने बाबा साहेब का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान के नारे भी लगाए।
कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं का प्रदर्शन जारी
विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे, कांग्रेस नेता नाना पटोले, नितिन राऊत, विजय वडेट्टीवार, भाई जगताप, शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे, सचिन अहीर, वरुण सरदेसाई, भास्कर जाधव और राकांपा-एसपी विधायक रोहित पवार इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
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बीआर आंबेडकर को लेकर अमित शाह की टिप्पणी ने राजनीति में हलचल मचा दी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल के नेता केंद्रीय मंत्री को घेर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अमित शाह सले इस्तीफे की भी मांग की। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेता अमित शाह के बचाव में उतरे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह ने कांग्रेस के आंबेडकर विरोधी रुख को उजागर किया है।
अमित शाह के बयान को बताया आंबेडकर का अपमान
विपक्ष ने अमित शाह के बयान को आंबेडकर का अपमान बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री के बयान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने अमित शाह के भाषण का एक भाग साझा किया। बता दें कि विपक्षी दलों के सदस्यों ने पिछले तीन दिनों के दौरान किसानों की समस्या, परभाणी हिंसा और बीड जिले में सरपंच की हत्या समेत अन्य मामलों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीएम-डिप्टी सीएम ने आरएसएस संस्थापक हेडगेवार के स्मारक का दौरा किया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार के स्मारक का दौरा किया। उन्होंने हेडगेवार को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक एमएस गोलवालकर के स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्य विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर, परिषद के डिप्टी अध्यक्ष नीलम गोरे समेत अन्य विधायकों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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अमित शाह के बयान को लेकर बवाल
नागपुर में महाराष्ट्र विधान मंडल का शीतकालीन सत्र जारी है, लेकिन विपक्षी दलों के नेता पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी के बाद विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन और तेज हो गया। उन्होंने अमित शाह के बयान को संविधान निर्माता का अपमान बताया। विपक्ष ने कहा कि संविधान निर्माता का अपमान देश बर्दाश्त नहीं करेगा। विपक्षी दल महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के नेता गुरुवार को नीली टोपी और स्टोल पहनकर नागपुर के संविधान चौक से मोर्चा निकाला। विधान परिषद के परिसर में पहुंचने के बाद ही उन्होंने बाबा साहेब का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान के नारे भी लगाए।
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कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं का प्रदर्शन जारी
विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे, कांग्रेस नेता नाना पटोले, नितिन राऊत, विजय वडेट्टीवार, भाई जगताप, शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे, सचिन अहीर, वरुण सरदेसाई, भास्कर जाधव और राकांपा-एसपी विधायक रोहित पवार इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
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बीआर आंबेडकर को लेकर अमित शाह की टिप्पणी ने राजनीति में हलचल मचा दी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल के नेता केंद्रीय मंत्री को घेर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अमित शाह सले इस्तीफे की भी मांग की। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेता अमित शाह के बचाव में उतरे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह ने कांग्रेस के आंबेडकर विरोधी रुख को उजागर किया है।
अमित शाह के बयान को बताया आंबेडकर का अपमान
विपक्ष ने अमित शाह के बयान को आंबेडकर का अपमान बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री के बयान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने अमित शाह के भाषण का एक भाग साझा किया। बता दें कि विपक्षी दलों के सदस्यों ने पिछले तीन दिनों के दौरान किसानों की समस्या, परभाणी हिंसा और बीड जिले में सरपंच की हत्या समेत अन्य मामलों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीएम-डिप्टी सीएम ने आरएसएस संस्थापक हेडगेवार के स्मारक का दौरा किया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार के स्मारक का दौरा किया। उन्होंने हेडगेवार को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक एमएस गोलवालकर के स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्य विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर, परिषद के डिप्टी अध्यक्ष नीलम गोरे समेत अन्य विधायकों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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