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महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी सरकार लगभग तय, आज हो सकता है एलान

Fri, 22 Nov 2019 10:34 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 22 Nov 2019 10:34 AM IST
सार

  • उद्धव होंगे मुख्यमंत्री, बेटे को शिक्षा मंत्री की कुर्सी
  • अजित पवार और थोराट बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री
  • मलाईदार मंत्रालय कांग्रेस-एनसीपी के खाते में जाएंगे

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Maharashtra Politics : Shivsena, Congress and NCP to form government in the state
उद्धव ठाकरे-शरद पवार-सोनिया गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी की मिलीजुली सरकार बनना लगभग तय है। सरकार के गठन को लेकर दिल्ली में पिछले चार दिनों से सियासी सरगर्मियों के बाद शुक्रवार को मुंबई में तीनों दलों की बैठक में फैसले का औपचारिक एलान हो सकता है। 

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इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य के साथ देर रात एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर पहुंचे थे। पवार के घर पर शिवसेना सांसद संजय राउत और एनसीपी नेता अजित पवार भी मौजूद थे।
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तय हो चुका सत्ता में भागीदारी का फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार तीनों दलों के बीच सत्ता में भागीदारी का ‘फॉर्मूला’ तय हो चुका है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हो सकते हैं और कांग्रेस-एनसीपी की तरफ से बाला साहेब थोराट तथा अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। मंत्रिमंडल में 45 मंत्री होंगे, जिनमें शिवसेना और एनसीपी के 15-15 और कांग्रेस को 12 मंत्री पद दिए जाएंगे।


तय फॉर्मूले के अनुसार मुख्यमंत्री भले ही शिवसेना का होगा, लेकिन महत्वपूर्ण और मलाईदार विभाग कांग्रेस-एनसीपी के पास ही रहेंगे। अजित पवार के पास गृह मंत्रालय, जयंत पाटिल के पास वित्त मंत्रालय और छगन भुजबल के पास पीडब्ल्यूडी विभाग रहेगा, जबकि कांग्रेस के थोराट को राजस्व मंत्रालय दिया जाएगा। 

आदित्य ठाकरे बन सकते हैं शिक्षा मंत्री

चुनावी राजनीति में कदम रखने वाले उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे को शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि तीनों दलों में ‘चार विधायकों पर एक मंत्री’ का फॉर्मूला बनाया गया है। शिवसेना को 56 विधायकों पर 15, एनसीपी को 54 विधायकों पर 15 और कांग्रेस को 44 विधायकों पर 12 मंत्री पद मिलेंगे।



शिवसेना सूत्रों की मानें तो उद्धव मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम रूप से मन नहीं बना पाए हैं। उन्हें मंत्रालयों के कामकाज का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं है। मगर कांग्रेस-एनसीपी ने उन्हें साफ कर दिया कि उनके नेता आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में काम नहीं करेंगे। शुक्रवार को उद्धव अपने पत्ते खोलेंगे।

टकराव टालने को समन्वय कमेटी 

शिवसेना जहां हिंदुत्ववादी पार्टी है, वहीं कांग्रेस-एनसीपी धर्मनिरपेक्षता की पक्षधर हैं। ऐसे में तीनों दलों ने विचारधारा का टकराव टालने को एक समन्वय समिति और एक सुपर कमेटी बनाई है। समन्वय समिति में तीनों दलों के 12 नेता होंगे, जो सरकार का कामकज देखेंगे। वहीं सुपर कमेटी विचारधाराओं के टकराव का हल निकालेगी। सुपर कमेटी में सोनिया गांधी, शरद पवार और उद्धव ठाकरे रहेंगे। समन्वय समिति मुंबई और सुपर कमेटी दिल्ली में बैठकें करेंगी।

गठबंधन का नाम होगा महाविकास अघाड़ी

शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन का नाम महाविकास अघाड़ी होगा। कांग्रेस-एनसीपी को पहले महाशिव अघाड़ी के नाम पर आपत्ति थी इसलिए इसका नाम बदला गया है। 

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