महाराष्ट्र UPDATE: फडणवीस ने दिया इस्तीफा, उद्धव ठाकरे का भाजपा पर तीखा हमला
- महाराष्ट्र में सियासी खींचतान जारी, फडणवीस ने दिया इस्तीफा।
- संजय राउत ने दोहराया, सीएम तो शिवसेना का ही होगा, भाजपा दिल्ली से महाराष्ट्र चलाना चाहती है।
- कांग्रेस भी सतर्क, विधायकों को जयपुर के दो होटलों में ठहराने की व्यवस्था।
- गडकरी बोले- फडणवीस के नेतृत्व में ही बनेगी सरकार, जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता को तैयार।
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विस्तार
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा-शिवसेना के बीच जारी रार थमने का नाम नहीं ले रहा। शिवसेना जहां 50-50 फार्मूले के तहत सरकार गठन को लेकर अडिग है वहीं भाजपा किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहती। अब राज्य का राजनैतिक भविष्य तय करने में एनसीपी बड़ी भूमिका निभा सकती है। अबतक का अपडेट-
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पवार से मिलने पहुंचे थोराट
फडणवीस के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद महाराष्ट्र में सियासी घटनाक्रम तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने एनसीपी प्रमुख से उनके आवास सिल्वर ओक में मुलाकात की। पवार से मिलने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश प्रमुख बालासाहेब थोराट ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।
उद्धव ठाकरे की प्रेस कांफ्रेंस
उद्धव ठाकरे ने कहा: देवेंद्र फडणवीस ने सरकार न बन पाने के तमाम कारण गिनाए। उन्होंने आरोपों की लिस्ट गिनाई। हम कहना चाहते हैं कि हम जो कहते हैं उसे निभाते हैं। हमारा काम भाजपा जैसा नहीं है। हम जुबान देते हैं तो निभाते हैं। जुबान देने से पहले लाख बार सोचते। मैं बताऊंगा कि अमित शाह और कंपनी ने हम पर कितने आरोप लगाए हैं। हम जनता के लिए लड़ रहे थे। भाजपा ने पांच साल राजनीति की। हम डिप्टी सीएम पद के लिए राजी नहीं हैं। 2014 में हमने भाजपा को रोकने की पूरी कोशिश की, इस बार चुनाव से पहेल भाजपा ने मीठी मीठी बात करके हमको फंसाया। देवेंद्र फडणवीस से मेरे भी अच्छे संबंध हैं। फडणवीस ने 50-50 फॉर्मूले पर पहले जिक्र नहीं करने को कहा। मुझपर फडणवीस झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं। बाल ठाकरे के बच्चों को झूठा बताया। झूठ बोलने वालों से किस बात की चर्चा। हमारी आदत झूठ बोलने की नहीं है। भाजपा के झूठ बोलने से मैं परेशान हूं। मेरे दरवाजे बातचीत के लिए कभी बंद नहीं थे, लेकिन आप झूठ बोलना बंद करिए, मैं आपके झूठ से परेशान हूं। मैं धूर्त लोगों के साथ बात नहीं करूंगा। हमने गलत लोगों के साथ गठबंधन किया। चुनाव के वक्त अमित शाह के मेरे पास कई फोन आते थे, लेकिन अब नहीं आते। गंगा की सफाई करते करते इनका दिमाग दूषित हो गया है। हरियाणा में इन्हें कोसने वाली दुष्यंत चौटाला की पार्टी से बात करने में देर नहीं लगाई, लेकिन हमारे साथ कोई बात नहीं की। दुष्यंत चौटाला ने भाजपा को क्या नहीं कहा।
फडणवीस ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा
देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा। इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस में शिवसेना को सरकार गठन नहीं होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। फडणवीस ने कहा- जब चुनाव नतीजे आए उद्धव जी ने कहा कि सरकार बनाने के सभी विकल्प खुले हैं। ये हमारे लिए चकित करने वाला बयान था क्योंकि जनता ने गठबंधन के लिए जनादेश दिया था।
Devendra Fadnavis: Unfortunately,day when results came,Uddhav ji said all options open for Govt formation.That was shocking for us as people had given mandate for alliance and in such circumstances it was a big question for us that why he said all options are open for him pic.twitter.com/leOA9s4d5m
— ANI (@ANI) November 8, 2019
फडणवीस ने कहा, उद्धव जी ठाकरे के साथ मेरे करीबी रिश्ते हैं और ये जारी रहेंगे। मैंने उन्हें कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
Devendra Fadnavis: I have a very close relationship with Uddhav ji Thackeray and it will continue, I called him up many times but he has not responded yet. pic.twitter.com/JQ8uatY745
— ANI (@ANI) November 8, 2019
शरद पवार से मिलने पहुंचे राउत
मुंबई: एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलने पहुंचे शिवसेना नेता संजय राउत। आधे घंटे चली दोनों की मुलाकात। राउत ने पत्रकारों से कहा- सीएम का इस्तीफा नई बात नहीं। शिवसेना की वजह से बात नहीं रुकी। जब ढाई-ढाई साल सीएम पद की बात हुई थी तब नितिन गडकरी मातोश्री में मौजूद नहीं थे। शाम 6 बजे उद्धव ठाकरे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। हमने पीएम और गृह मंत्री का आदर किया। व्यक्तिगत स्तर पर बयानबाजी नहीं हुई। मैं इन्हें शुभकामनाएं देता हूं। लोकतंत्र में जिसके पास नंबर होते हैं वह सरकार बनाता है। हम चाहें तो मुख्यमंत्री बना सकते हैं।
Mumbai: Shiv Sena leader Sanjay Raut reaches NCP chief Sharad Pawar's residence. pic.twitter.com/M1WtvFq8n3
— ANI (@ANI) November 8, 2019
राज्यपाल से मिलने पहुंचे सीएम
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने राजभवन पहुंचे।
Mumbai: Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis and other state ministers meet Governor Bhagat Singh Koshyari at Raj Bhawan. pic.twitter.com/grmCMrHLg9
— ANI (@ANI) November 8, 2019
नितिन गडकरी ने कहा- अभी भी वक्त है, मैं लोगों के हित की बात कह रहा हूं।
Union Minister Nitin Gadkari: There is still time. I feel, for the welfare of people, BJP-Shiv Sena should come together to form government. As far as 50-50 formula issue is concerned, no such promise was made by Amit Shah ji pic.twitter.com/aTlsbDofP1
— ANI (@ANI) November 8, 2019
शिवसेना ने बदला विधायकों का ठिकाना
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई थी। जिसके बाद विधायकों को रंगशारदा होटल से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। शिवसेना को आशंका है कि उनके विधायकों में फूट डाला जा सकता है। इसलिए वह उन्हें महफूज ठिकाने पर लेकर जा रही है।
सरकार गठन पर गडकरी का बड़ा बयान
मुंबई पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिवसेना के आरोपों पर कहा कि विधायकों की खरीद फरोख्त का कोई सवाल ही नहीं है। अगर भाजपा और शिवसेना के बीच मध्यस्थता की जरूरत पड़ती है तो वह मैं कर सकता है। हालांकि इस दौरान गडकरी ने ढाई-ढाई साल सीएम वाली बात से इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कोई वादा नहीं किया गया था। अपनी बात को दोहराते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन में संघ की कोई भूमिका नहीं है।
विधायकों को 25 से 50 करोड़ रुपये देने की हो रही पेशकश: कांग्रेस
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में पार्टी बदलने के लिए विधायकों को 25 करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक देने की पेशकश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायकों को भी इस तरह के प्रस्तावों के साथ फोन पर संपर्क किया गया है। निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि शिवसेना ने दावा किया है कि उनके एक विधायक को पार्टी बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि वह दूसरी पार्टी के विधायकों को लुभाने के प्रयास कर रही है।
महाराष्ट्र में विधायकों को प्रलोभन देने के आरोपों को भाजपा ने नकारा
महाराष्ट्र में भाजपा ने इन आरोपों को पुरजोर तरीके से खारिज कर दिया कि वह विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगी है और उन्हें अपने खेमे में शामिल करने के लिए धन का प्रलोभन दे रही है।प्रदेश भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि यह हमारी पार्टी की संस्कृति का हिस्सा नहीं है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र में विधायकों को दलबदल कराने के लिए 25 से 50 करोड़ रुपये तक की पेशकश की जा रही है। इस बारे में जब पूछा गया तो उपाध्ये ने कहा कि भाजपा के विधायकों को प्रलोभन देने का सवाल ही नहीं उठता। यह हमारी संस्कृति नहीं है।
भाजपा महाराष्ट्र को राष्ट्रपति शासन की दिशा में ले जा रही : एनसीपी
वहीं एनसीपी ने आरोप लगाया है कि भाजपा राज्य को राष्ट्रपति शासन की दिशा में ले जा रही है और इस राज्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के जरिए चलाना चाहती है। एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की जनता राज्य के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि राज्य ने कभी भी दिल्ली के तख्त के आगे घुटने नहीं टेके। मलिक ने ट्वीट किया, ‘भाजपा महाराष्ट्र को दिल्ली से मोदी और शाह के जरिए चलाना चाहती है, इसीलिए वह राज्य को राष्ट्रपति शासन लगाने की दिशा में ले जा रही है। लोग महाराष्ट्र का यह अपमान सहन नहीं करेंगे।’
महाराष्ट्र को भाजपा राष्ट्रपति शाषण की ओर ढकेल मोदी और शाह जी की जोड़ी के जरिये दिल्ली से महाराष्ट्र की सत्ता की बागडोर चलाना चाहती है।
— Nawab Malik (@nawabmalikncp) November 8, 2019
यह महाराष्ट्र का अपमान जनता सहन नही करेगी।
दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र नही झुकता यह इतिहास है।
जय महाराष्ट्र ।@MumbaiNCP @NCPspeaks
मुख्यमंत्री पद पर अड़ी शिवसेना
शिवसेना महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद साझा करने की अपनी मांग पर शुक्रवार को भी अड़ी रही और उसने भाजपा से राज्य की सत्ता में बने रहने के लिए कार्यवाहक सरकार के प्रावधान का दुरुपयोग नहीं करने को कहा। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि भाजपा को शिवसेना के पास तभी आना चाहिए जब वह महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का पद अपनी सहयोगी पार्टी के साथ साझा करने के लिए तैयार हो।
शिवसेना प्रवक्ता ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल (नौ नवंबर को) समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को कार्यवाहक प्रावधान को नहीं खींचना और पर्दे के पीछे से काम नहीं करना चाहिए। हमें बुरा नहीं लगेगा अगर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में सरकार बनाने का दावा पेश करती है और सरकार बनाती है।
केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता नितिन गडकरी के मुंबई दौरे और सरकार गठन पर जारी गतिरोध को तोड़ने के लिए ‘मातोश्री’ (ठाकरे परिवार का आवास) जाने की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राउत ने कहा कि गडकरी मुंबई के निवासी हैं। उनका यहां आना कोई बड़ी बात नहीं है। वह अपने घर जाएंगे। क्या उन्होंने आपको बताया कि वह शिवसेना को ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद देने के संबंध में पत्र ला रहे हैं?
आग्नेय परीक्षा की
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) November 8, 2019
इस घड़ी में-
आइए, अर्जुन की तरह
उद्घोष करें :
‘‘न दैन्यं न पलायनम्।’’
- अटल बिहारी वाजपेयी
(गीता का संदेश- *न दैन्यं न पलायनम्* अर्थात कोई दीनता नहीं चाहिए , चुनौतियों से भागना नहीं , बल्कि जूझना जरूरी है)