Maharashtra: दुष्कर्म के आरोपी खरात की कॉल कनेक्शन पर सियासत गरम, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 17 कॉल का दावा
महाराष्ट्र में पाखंडी बाबा अशोक खरात से जुड़े कॉल रिकॉर्ड को लेकर सियासत गरमा गई है। अंजलि दमानिया ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और खरात के बीच 17 कॉल हुए। कई अन्य नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। सरकार ने आरोपों को खारिज किया है। आइए विस्तार से जानते मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए।
विस्तार
महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब एक स्वयंभू से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड को लेकर बड़े आरोप सामने आए। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया कि दुष्कर्म के आरोपी अशोक खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई। इस दावे ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
अंजलि दमानिया के मुताबिक, उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड मिला है। इसमें कई नेताओं और गॉडमैन के बीच बातचीत का जिक्र है। उन्होंने दावा किया कि शिंदे और खरात के बीच सबसे लंबी बातचीत 21 मिनट की थी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये कॉल किस समय अवधि में हुए। इस मामले में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने संपर्क क्यों थे।
क्या शिंदे और खरात के बीच 17 कॉल हुए?
दमानिया ने आरोप लगाया कि सीडीआर के अनुसार शिंदे और अशोक खरात के बीच कुल 17 कॉल हुए। यह दावा राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि खरात पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। हालांकि सरकार की ओर से इन कॉल्स को लेकर कोई गैरकानूनी बात होने से इनकार किया गया है।
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क्या अन्य नेताओं के नाम भी सामने आए?
दमानिया ने यह भी कहा कि सिर्फ शिंदे ही नहीं, बल्कि भाजपा और एनसीपी के कई नेताओं ने भी खरात से बातचीत की थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और एनसीपी नेता सुनील तटकरे के साथ भी आठ-आठ कॉल हुए। इसके अलावा भाजपा मंत्री आशीष शेलार के साथ भी संपर्क का जिक्र किया गया।
क्या रुपाली चाकणकर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है?
दमानिया के अनुसार, एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर और खरात के बीच 177 कॉल हुए थे। यह सबसे ज्यादा बातचीत का मामला बताया गया। इस खुलासे के बाद चाकणकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें खरात के कथित अपराधों की जानकारी नहीं थी।
क्या सरकार ने आरोपों को खारिज किया?
सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। मंत्री उदय सामंत और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि किसी को फोन करना या मिलना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अपराध तभी माना जाएगा जब किसी की सीधी संलिप्तता साबित हो। शिवसेना ने भी कहा कि खरात जैसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आरोपी अशोक खरात पर क्या आरोप लगे?
- महिलाओं को झांसा देकर बुलाना
- यौन शोषण के आरोप
- काला जादू कानून के तहत केस
अंजलि दमानिया ने यह भी बताया कि उन्होंने सीडीआर की कॉपी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुलिस महानिदेशक और एसआईटी को भेज दी है। अशोक खरात को मार्च में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ अब तक 8 एफआईआर दर्ज हैं। उस पर एक महिला के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने का आरोप है। अब यह मामला जांच के दायरे में है और आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं।
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