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Maharashtra: यूपी की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी शहरों के नाम बदलने पर तेज हुई राजनीति, औरंगाबाद के बाद इस शहर का उठा मामला
Thu, 02 Jun 2022 11:15 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 02 Jun 2022 11:15 PM IST
सार
महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर रखने की मांग पहले से ही की जा रही है। ऐसे में अहमदनगर का नाम बदलने की मांग से कथित तौर पर हिंदुत्ववादी पार्टी शिवसेना पर दबाव बन गया है।
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महाराष्ट्र भाजपा के नेता गोपीचंद पडलकर।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
उत्तर प्रदेश की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी शहरों के नाम बदलने को लेकर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा हैं और मांग की हैं कि अहमदनगर शहर का नाम बदलकर उसे “अहिल्यानगर” करना चाहिए। पडलकर ने कहा कि अहमदनगर रानी अहिल्यादेवी होलकर का जन्म स्थान है। इसलिए अहमदनगर शहर का नाम बदलकर अहिल्यानगर करना रानी अहिल्या देवी होलकर का सम्मान करने जैसा है।
महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर रखने की मांग पहले से ही की जा रही है। ऐसे में अहमदनगर का नाम बदलने की मांग से कथित तौर पर हिंदुत्ववादी पार्टी शिवसेना पर दबाव बन गया है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पडलकर ने लिखा है कि यह सिर्फ उनकी मांग नहीं हैं, बल्कि लोगों की भावना है कि अहमदनगर का नाम अहिल्यानगर हो। उन्होंने कहा कि जब मुगल सैनिक हिंदू मंदिर गिरा रहे थे, तब अहिल्यादेवी होलकर ने उनका पुनर्निर्माण कराकर हिंदू संस्कृति को बचाया था। इसलिए वह हर हिंदू के लिए आदर्श हैं।
इससे पहले 31 मई को पडलकर और उनके समर्थकों ने रानी अहिल्या देवी के जन्मस्थल चोड़ी में उनका जन्मोत्सव मनाया था। इस दौरान पुलिस ने लोगों को चोड़ी गांव आने से रोक दिया था, जिसे लेकर जमकर हंगामा हुआ था। गोपीचंद पडलकर ने शिवसेना नीत राज्य की महा विकास अघाड़ी सरकार निशाना साधते हुए कहा था कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के इशारे पर पुलिस ने लोगों को अहिल्यादेवी के जन्मस्थल पर जाने से रोका था। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि शरद पवार के पोते रोहित पवार चोडी गांव में मौजूद थे और एनसीपी ने इस पूरे कार्यक्रम को हाईजैक करने की कोशिश की थी।
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महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर रखने की मांग पहले से ही की जा रही है। ऐसे में अहमदनगर का नाम बदलने की मांग से कथित तौर पर हिंदुत्ववादी पार्टी शिवसेना पर दबाव बन गया है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पडलकर ने लिखा है कि यह सिर्फ उनकी मांग नहीं हैं, बल्कि लोगों की भावना है कि अहमदनगर का नाम अहिल्यानगर हो। उन्होंने कहा कि जब मुगल सैनिक हिंदू मंदिर गिरा रहे थे, तब अहिल्यादेवी होलकर ने उनका पुनर्निर्माण कराकर हिंदू संस्कृति को बचाया था। इसलिए वह हर हिंदू के लिए आदर्श हैं।
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इससे पहले 31 मई को पडलकर और उनके समर्थकों ने रानी अहिल्या देवी के जन्मस्थल चोड़ी में उनका जन्मोत्सव मनाया था। इस दौरान पुलिस ने लोगों को चोड़ी गांव आने से रोक दिया था, जिसे लेकर जमकर हंगामा हुआ था। गोपीचंद पडलकर ने शिवसेना नीत राज्य की महा विकास अघाड़ी सरकार निशाना साधते हुए कहा था कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के इशारे पर पुलिस ने लोगों को अहिल्यादेवी के जन्मस्थल पर जाने से रोका था। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि शरद पवार के पोते रोहित पवार चोडी गांव में मौजूद थे और एनसीपी ने इस पूरे कार्यक्रम को हाईजैक करने की कोशिश की थी।
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