{"_id":"67496217c872263ecf019805","slug":"maharashtra-politics-arun-govil-reacts-to-sanjay-raut-statement-news-in-hindi-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 'जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने क्या किया?' बौखलाए संजय राउत के बयान पर भाजपा सांसद का पलटवार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 'जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने क्या किया?' बौखलाए संजय राउत के बयान पर भाजपा सांसद का पलटवार
Fri, 29 Nov 2024 12:13 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:13 PM IST
सार
संजय राउत ने महायुति पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से जुड़ी सभी बातें दिल्ली में तय की जाएंगी। एकनाथ शिंदे और अजित पवार को अपने मुद्दे रखने के लिए बार-बार दिल्ली आना पड़ेगा।
विज्ञापन
अरुण गोविल, संजय राउत
- फोटो : ANI-PTI
विस्तार
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला, जबकि महाविकास अघाड़ी को हार का सामना करना पड़ा। इस हार को लेकर विपक्ष बौखलाया हुआ है। वे अब इस हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहे हैं। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने महायुति और केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से जुड़ी सभी बातें दिल्ली में तय की जाएंगी। एकनाथ शिंदे और अजित पवार को अपने मुद्दे रखने के लिए बार-बार दिल्ली आना पड़ेगा। संजय राउत के इस बयान पर भाजपा सांसद अरुण गोविल ने पलटवार किया।
अरुण गोविल ने कहा, "जब उद्धव ठाकरे, संजय राउत सत्ता में थे तो क्या यह सच है कि तब भी सबकुछ दिल्ली से हो रहा था? आज जब वे नहीं जीत पाए तो ऐसी बातें कहना ठीक नहीं है। उन्हें अपनी गरिमा बनाए रखना चाहिए और देखना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने क्या किया था?"
संजय राउत का बयान
संजय राउत ने महायुति पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र से जुड़ी सभी बातें दिल्ली में तय की जाएंगी। एकनाथ शिंदे और अजित पवार को अपने मुद्दे रखने के लिए बार-बार दिल्ली आना पड़ेगा। उन्हें पीएम और अमित शाह की बात सुननी होगी। वह (अजित पवार) हमेशा डिप्टी सीएम थे और वह डिप्टी सीएम ही बनेंगे। उनके चेहरे की चमक जो लोकसभा चुनाव के बाद गायब हो गई थी, अब लौट आई है, यह ईवीएम का चमत्कार है।" उन्होंने आगे कहा, "ईवीएम का एक मंदिर बनना चाहिए। इसमें तीन मूर्ति होनी चाहिए। एक तरफ पीएम और दूसरी तरफ अमित शाह और बीच में ईवीएम।"
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत
राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी गठबंधन के बीच था। जिसमें महायुति ने बाजी मारते हुए 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की है। महायुति गठबंधन के तीनों घटक दल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी क्रमश: राज्य की शीर्ष तीन पार्टियां हैं। वहीं महा विकास अघाड़ी को 288 सीटों में से मात्र 46 सीटें ही हासिल की है। इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी ने सिर्फ 10 ही सीटें विधानसभा चुनाव में जीती है।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
अरुण गोविल ने कहा, "जब उद्धव ठाकरे, संजय राउत सत्ता में थे तो क्या यह सच है कि तब भी सबकुछ दिल्ली से हो रहा था? आज जब वे नहीं जीत पाए तो ऐसी बातें कहना ठीक नहीं है। उन्हें अपनी गरिमा बनाए रखना चाहिए और देखना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने क्या किया था?"
विज्ञापन
संजय राउत का बयान
संजय राउत ने महायुति पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र से जुड़ी सभी बातें दिल्ली में तय की जाएंगी। एकनाथ शिंदे और अजित पवार को अपने मुद्दे रखने के लिए बार-बार दिल्ली आना पड़ेगा। उन्हें पीएम और अमित शाह की बात सुननी होगी। वह (अजित पवार) हमेशा डिप्टी सीएम थे और वह डिप्टी सीएम ही बनेंगे। उनके चेहरे की चमक जो लोकसभा चुनाव के बाद गायब हो गई थी, अब लौट आई है, यह ईवीएम का चमत्कार है।" उन्होंने आगे कहा, "ईवीएम का एक मंदिर बनना चाहिए। इसमें तीन मूर्ति होनी चाहिए। एक तरफ पीएम और दूसरी तरफ अमित शाह और बीच में ईवीएम।"
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत
राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी गठबंधन के बीच था। जिसमें महायुति ने बाजी मारते हुए 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की है। महायुति गठबंधन के तीनों घटक दल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी क्रमश: राज्य की शीर्ष तीन पार्टियां हैं। वहीं महा विकास अघाड़ी को 288 सीटों में से मात्र 46 सीटें ही हासिल की है। इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी ने सिर्फ 10 ही सीटें विधानसभा चुनाव में जीती है।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन