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Maharashtra: फडणवीस के चिट्ठी पर अजित पवार ने दी प्रतिक्रिया; कहा- नवाब मलिक का पक्ष जानने के बाद देंगे जवाब
Fri, 08 Dec 2023 01:47 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 08 Dec 2023 01:47 PM IST
सार
अजित पवार गुट के राकांपा नेता अमोल मिटकारी ने कहा कि नवाब मलिक पार्टी के प्रवक्ता और एक वरिष्ठ नेता रहे हैं। अब वह खुद अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।
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Ajit Pawar
- फोटो : Social Media
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विस्तार
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने साथी डिप्टी सीएम अजित पवार को नवाब मलिक को सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल करने पर विरोध करते हुए चिट्ठी लिखी है। राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि वह पहले नवाब मलिक के पक्ष को जानने के बाद अपना जवाब देंगे।
अजित पवार ने कहा, 'मुझे फडणवीस का चिट्टी मिला। मैं नवाब मलिक के आधिकारिक पक्ष को जानने के बाद अपनी बात रखूंगा। विधानसभा में कौन कहां बैठेगा, यह मैं तय नहीं करता हूं। स्पीकर इसे तय करते हैं। नवाब मलिक के अजित पवार गुट में शामिल होने पर विवाद महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है।'
अजित पवार गुट के राकांपा नेता अमोल मिटकारी ने कहा, 'नवाब मलिक पार्टी के प्रवक्ता और एक वरिष्ठ नेता रहे हैं। अब वह खुद अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।' उन्होंने कहा, 'बैठने की व्यवस्था सरकार की तरफ की गई है। अगर विधानसभा स्पीकर ने बैठने की व्यवस्था की है तो मुझे लगता है कि उनके पास और अधिक जानकारी होगी। नवाब मलिक अब पार्टी के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता है। कल राकांपा के हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पक्ष स्पष्ट कर दिया था। मैंने अजित पवार से मुलाकात की और अब पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।'
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अजित पवार गुट के राकांपा नेता सुनील तटकरे ने गुरुवार को कहा, 'नवाब मलिक वर्षों से हमारे वरिष्ठ नेता रहे हैं। बीमारी की वजह से जब उन्हें जमानत दी गई तो हम उस समय साथी के तौर पर उनका हाल चाल पूछने के लिए उनसे मिले। उस दौरान हमारे बीच कोई भी राजनीतिक बातचीत नहीं हुई थी। आज विधानसभा में आने के बाद, जाहिर है कि आप अपने पूराने साथियों से मुलाकात जरूर करेंगे।'
देवेंद्र फडणवीस के चिट्ठी पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, 'फडणवीस से प्रफुल्ल पटेल, हसन मुशरीफ या अजित पवार पर उनकी राय पूछी जानी चाहिए, क्योंकि इन सभी नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। अजित पवार गुट के कई नेताओं पर आरोप लगाए गए हैं। फिर ये भाजपा गठबंधन का हिस्सा कैसे है? अगर नैतिकता की बात होती तो आप उनके साथ सरकार नहीं बनाते। केवल नवाब मलिक पर ही हमला क्यों?'
फडणवीस ने अपनी चिट्ठी में कही ये बात
फडणवीस ने अपनी चिट्ठी में लिखा- 'आपकी पार्टी में कौन शामिल होगा, कौन नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार आपका है लेकिन मुझे लगता है कि नवाब मलिका को पार्टी में शामिल करने से गठबंधन को नुकसान हो सकता है। महाविकास अघाड़ी की सरकार में नवाब मलिक मंत्री थे और गिरफ्तारी के बावजूद मंत्री बने रहे थे लेकिन हमारा गठबंधन महाविकास अघाड़ी की तरह नहीं है। नवाब मलिक विधायक हैं और विधानसभा सत्र में शामिल होना उनका अधिकार है। हमारी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन हम नवाब मलिक को गठबंधन में शामिल करने का विरोध करेंगे।'
बता दें कि ईडी ने बीती 23 फरवरी 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था। मलिक पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके साथियों के साथ कथित तौर पर पैसों का लेनदेन किया। नवाब मलिक पर आरोप है कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम गैंग की जमीनें सस्ते दामों पर खरीदीं। नवाब मलिक 18 महीने जेल में रहे और बीती 23 अगस्त को ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें खराब सेहत के आधार पर जमानत दी थी।
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अजित पवार ने कहा, 'मुझे फडणवीस का चिट्टी मिला। मैं नवाब मलिक के आधिकारिक पक्ष को जानने के बाद अपनी बात रखूंगा। विधानसभा में कौन कहां बैठेगा, यह मैं तय नहीं करता हूं। स्पीकर इसे तय करते हैं। नवाब मलिक के अजित पवार गुट में शामिल होने पर विवाद महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है।'
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अजित पवार गुट के राकांपा नेता अमोल मिटकारी ने कहा, 'नवाब मलिक पार्टी के प्रवक्ता और एक वरिष्ठ नेता रहे हैं। अब वह खुद अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।' उन्होंने कहा, 'बैठने की व्यवस्था सरकार की तरफ की गई है। अगर विधानसभा स्पीकर ने बैठने की व्यवस्था की है तो मुझे लगता है कि उनके पास और अधिक जानकारी होगी। नवाब मलिक अब पार्टी के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता है। कल राकांपा के हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पक्ष स्पष्ट कर दिया था। मैंने अजित पवार से मुलाकात की और अब पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।'
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अजित पवार गुट के राकांपा नेता सुनील तटकरे ने गुरुवार को कहा, 'नवाब मलिक वर्षों से हमारे वरिष्ठ नेता रहे हैं। बीमारी की वजह से जब उन्हें जमानत दी गई तो हम उस समय साथी के तौर पर उनका हाल चाल पूछने के लिए उनसे मिले। उस दौरान हमारे बीच कोई भी राजनीतिक बातचीत नहीं हुई थी। आज विधानसभा में आने के बाद, जाहिर है कि आप अपने पूराने साथियों से मुलाकात जरूर करेंगे।'
देवेंद्र फडणवीस के चिट्ठी पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, 'फडणवीस से प्रफुल्ल पटेल, हसन मुशरीफ या अजित पवार पर उनकी राय पूछी जानी चाहिए, क्योंकि इन सभी नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। अजित पवार गुट के कई नेताओं पर आरोप लगाए गए हैं। फिर ये भाजपा गठबंधन का हिस्सा कैसे है? अगर नैतिकता की बात होती तो आप उनके साथ सरकार नहीं बनाते। केवल नवाब मलिक पर ही हमला क्यों?'
फडणवीस ने अपनी चिट्ठी में कही ये बात
फडणवीस ने अपनी चिट्ठी में लिखा- 'आपकी पार्टी में कौन शामिल होगा, कौन नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार आपका है लेकिन मुझे लगता है कि नवाब मलिका को पार्टी में शामिल करने से गठबंधन को नुकसान हो सकता है। महाविकास अघाड़ी की सरकार में नवाब मलिक मंत्री थे और गिरफ्तारी के बावजूद मंत्री बने रहे थे लेकिन हमारा गठबंधन महाविकास अघाड़ी की तरह नहीं है। नवाब मलिक विधायक हैं और विधानसभा सत्र में शामिल होना उनका अधिकार है। हमारी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन हम नवाब मलिक को गठबंधन में शामिल करने का विरोध करेंगे।'
बता दें कि ईडी ने बीती 23 फरवरी 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था। मलिक पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके साथियों के साथ कथित तौर पर पैसों का लेनदेन किया। नवाब मलिक पर आरोप है कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम गैंग की जमीनें सस्ते दामों पर खरीदीं। नवाब मलिक 18 महीने जेल में रहे और बीती 23 अगस्त को ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें खराब सेहत के आधार पर जमानत दी थी।