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Maharashtra: शिंदे सीएम बने लेकिन अहम विभाग अपने पास रख सकती है भाजपा, यह मंत्रालय बन सकता है विवाद की जड़

Fri, 01 Jul 2022 12:09 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 01 Jul 2022 12:09 PM IST
सार

महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र तीन और चार जुलाई को बुलाया जाएगा। दो जुलाई को स्पीकर चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया जाएगा, जबकि तीन जुलाई को मतदान होगा। वहीं विश्वास मत चार जुलाई को होगा।

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फडणवीस और शिंदे - फोटो : Amar ujala

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भले ही एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद सौंप दिया हो लेकिन मंत्रालय के कुछ अहम विभाग अपने नियंत्रण में रख सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार मंत्रालय के बंटवारा के समय दोनों पक्षों में विवाद होने की भी संभावना है क्योंकि कुछ मंत्रालय ऐसे हैं जिसे शिंदे कभी नहीं छोड़ना चाहेंगे। हालांकि कैबिनेट गठन के वक्त ही इसपर अंतिम निर्णय होगा। वहीं राज्य भाजपा के अंदरूनी सूत्रों ने भी स्वीकार किया कि गुरुवार तक चल रहे सियासी गहमागहमी तक उनमें से किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि शिंदे नए सीएम होंगे। भाजपा नेता ने कहा कि यह सभी राज्य के नेताओं के लिए एक झटका था। दो दिन पहले तक, हम फडणवीस के सीएम बनने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन लगता है कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निर्णय को बदल दिया गया।  

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भाजपा ये अहम विभाग अपने पास रखेगी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सत्ता-साझाकरण फॉर्मूला और समझौते को अंतिम रूप दिया गया था। एकनाथ शिंदे गुट को 15 मंत्री पद मिलने की संभावना है, जबकि भाजपा को गृह, वित्त, कृषि, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, स्कूली शिक्षा और पर्यावरण जैसे प्रमुख विभाग मिलने की उम्मीद है। इन विभागों को रख कर भाजपा यह सुनिश्चित करना चाहेगी कि विकास संबंधी कार्य उसके द्वारा संचालित हों। दरअसल, सरकार के पहले फैसलों में आरे में मेट्रो कार शेड बनाने के ठाकरे के फैसले को वापस लेना भी शामिल है, जो भाजपा सरकार की छाप का स्पष्ट संकेत है।
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साल 2014 में शिवसेना को 14 विभाग मिले थे
साल 2014 की भाजपा-शिवसेना सरकार के दौरान, जूनियर पार्टनर को 12 विभाग दिए गए थे, लेकिन उनमें से कोई भी महत्वपूर्ण नहीं था, जिससे शिवसेना में काफी नाराजगी थी। भाजपा के एक दूसरे नेता ने कहा कि इस बार एकनाथ शिंदे बेहतर सौदेबाजी की स्थिति में हैं। वहीं उस समय शिंदे के खेमे के विधायकों में नौ एमवीए सरकार में मंत्री थे।
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शिंदे को असंतोष से बचने के लिए कुछ नए चेहरों को शामिल करना होगा
शिंदे को असंतोष से बचने के लिए कुछ नए चेहरों को शामिल करने के अलावा उन सभी को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना होगा। इसका मतलब है कि उन्हें राज्य के मंत्रियों सहित कम से कम 15 विभाग प्राप्त करने होंगे। महाराष्ट्र कैबिनेट में सीएम समेत 43 विभाग हैं। उद्धव ठाकरे के विपरीत, जिनके पास कोई विभाग नहीं था, शिंदे के शहरी विकास विभाग को अपने पास रखने की संभावना है।

गृह मंत्रालय बन सकता है विवाद की जड़
गृह मंत्रालय भाजपा और शिंदे खेमे के बीच विवाद की जड़ हो सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या शिंदे भाजपा को गृह विभाग देने के लिए सहमत होते हैं या नहीं। बता दें कि फडणवीस ने अपनी सरकार के पांच साल तक विभाग को संभाला और पुलिस बल पर उनकी पूरी कमान थी।

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