{"_id":"60d6e81954cd054d58146a02","slug":"maharashtra-police-detain-former-cm-fadnavis-during-protest-of-obc-reservation","type":"story","status":"publish","title_hn":"नागपुर: पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पुलिस हिरासत में, मराठा आरक्षण को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नागपुर: पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पुलिस हिरासत में, मराठा आरक्षण को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन
Sat, 26 Jun 2021 02:27 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 26 Jun 2021 02:27 PM IST
सार
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। भाजपा नेता आरक्षण की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। नागपुर में आरक्षण की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में भाजपा नेता फड़णवीस
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र में आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर भाजपा लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। इसी कड़ी में आज नागपुर में ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पुलिस ने हिरासत में लिया है। फड़णवीस के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पकड़ा है। बता दें कि मराठा आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था। सर्वोच्च अदालत ने शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में मराठा आरक्षण को असंवैधानिक बताया।
..तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा: फडणवीस
भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी अगर सत्ता में आई तो स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को बहाल करेगी और अगर नहीं किया तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
प्रदर्शन के दौरान फडणवीस ने कहा कि तथ्य यह है कि मामले का समाधान राज्य स्तर पर हो सकता है। राज्य सरकार एक कानून बनाकर आरक्षण बहाल कर सकती है। केंद्र सरकार के किसी कानून की जरूरत ही नहीं है। यही वजह है कि महाराष्ट्र को छोड़कर अन्य राज्यों में ओबीसी आरक्षण मौजूद है। आपको (एमवीए) कानून बनाना होगा। हम आपके झूठ का पर्दाफाश करने तक रुकेंगे नहीं। यह प्रदर्शन इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना के लिये आयोजित किया गया है।
विज्ञापन
विधानसभा में नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले फडणवीस ने कहा कि ओबीसी को इरादतन राजनीतिक आरक्षण से वंचित रखा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एमवीए सरकार के सभी ओबीसी मंत्रियों से अनुरोध करूंगा, हमारे और उनके बीच कोई दुश्मनी नहीं है। अगर आप ईमानदारी से ओबीसी समुदाय के पक्ष में हैं तो पार्टी लाइन से हटकर हम आपके साथ खड़े होने के लिये तैयार हैं। मैं आपको पूरे विश्वास के साथ बताना चाहता हूं कि अगले तीन-चार महीनों में हम ओबीसी आरक्षण वापस ला सकते हैं। अगर आप हमें ताकत दें…मैं पूरे भरोसे के साथ आपने कहना चाहता हूं कि अगर ओबीसी के लिये राजनीतिक आरक्षण वापस लाने में नाकाम रहा, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।” इससे पहले, पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने दिन में राज्य भर में ‘चक्का जाम’ आयोजित किया। पार्टी ने घोषणा की थी कि वह प्रदेशभर में 1000 जगहों पर प्रदर्शन करेगी।
मराठा आरक्षण 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि मराठा समुदाय को कोटा के लिए सामाजिक, शैक्षणिक रूप से पिछड़ा घोषित नहीं किया जा सकता। यह 2018 महाराष्ट्र राज्य कानून समानता के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि हम 1992 के फैसले की फिर से समीक्षा नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मराठा आरक्षण 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन है।
महाराष्ट्र में 75% तक पहुंचा आरक्षण
विभिन्न समुदायों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिए गए आरक्षण को मिलाकर महाराष्ट्र में करीब 75 फीसदी आरक्षण की सीमा पहुंच गई है। 2001 के राज्य आरक्षण अधिनियम के बाद, राज्य में कुल आरक्षण 52% था। 12-13% मराठा कोटा के साथ राज्य में कुल आरक्षण 64-65% हो गया। वहीं केंद्र द्वारा 2019 में घोषित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10% कोटा भी राज्य में लागू है। यह सब मिलाकर आरक्षण 75% तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
..तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा: फडणवीस
भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी अगर सत्ता में आई तो स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को बहाल करेगी और अगर नहीं किया तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान फडणवीस ने कहा कि तथ्य यह है कि मामले का समाधान राज्य स्तर पर हो सकता है। राज्य सरकार एक कानून बनाकर आरक्षण बहाल कर सकती है। केंद्र सरकार के किसी कानून की जरूरत ही नहीं है। यही वजह है कि महाराष्ट्र को छोड़कर अन्य राज्यों में ओबीसी आरक्षण मौजूद है। आपको (एमवीए) कानून बनाना होगा। हम आपके झूठ का पर्दाफाश करने तक रुकेंगे नहीं। यह प्रदर्शन इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना के लिये आयोजित किया गया है।
विज्ञापन
विधानसभा में नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले फडणवीस ने कहा कि ओबीसी को इरादतन राजनीतिक आरक्षण से वंचित रखा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एमवीए सरकार के सभी ओबीसी मंत्रियों से अनुरोध करूंगा, हमारे और उनके बीच कोई दुश्मनी नहीं है। अगर आप ईमानदारी से ओबीसी समुदाय के पक्ष में हैं तो पार्टी लाइन से हटकर हम आपके साथ खड़े होने के लिये तैयार हैं। मैं आपको पूरे विश्वास के साथ बताना चाहता हूं कि अगले तीन-चार महीनों में हम ओबीसी आरक्षण वापस ला सकते हैं। अगर आप हमें ताकत दें…मैं पूरे भरोसे के साथ आपने कहना चाहता हूं कि अगर ओबीसी के लिये राजनीतिक आरक्षण वापस लाने में नाकाम रहा, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।” इससे पहले, पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने दिन में राज्य भर में ‘चक्का जाम’ आयोजित किया। पार्टी ने घोषणा की थी कि वह प्रदेशभर में 1000 जगहों पर प्रदर्शन करेगी।
Nagpur: Police detain former Maharashtra CM & LoP Devendra Fadnavis during a protest held by BJP workers in support of OBC reservation pic.twitter.com/4ik5O4vD0e
— ANI (@ANI) June 26, 2021
मराठा आरक्षण 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि मराठा समुदाय को कोटा के लिए सामाजिक, शैक्षणिक रूप से पिछड़ा घोषित नहीं किया जा सकता। यह 2018 महाराष्ट्र राज्य कानून समानता के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि हम 1992 के फैसले की फिर से समीक्षा नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मराठा आरक्षण 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन है।
महाराष्ट्र में 75% तक पहुंचा आरक्षण
विभिन्न समुदायों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिए गए आरक्षण को मिलाकर महाराष्ट्र में करीब 75 फीसदी आरक्षण की सीमा पहुंच गई है। 2001 के राज्य आरक्षण अधिनियम के बाद, राज्य में कुल आरक्षण 52% था। 12-13% मराठा कोटा के साथ राज्य में कुल आरक्षण 64-65% हो गया। वहीं केंद्र द्वारा 2019 में घोषित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10% कोटा भी राज्य में लागू है। यह सब मिलाकर आरक्षण 75% तक पहुंच गया है।