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Maharashtra: मराठा आंदोलन से माहौल बिगड़ने का खतरा, नहीं मिली इजाजत; मनोज जरांगे अड़े
Sat, 08 Jun 2024 06:43 AM IST
निर्मल कांत
ब्यूरो, मुंबई।
ब्यूरो, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 08 Jun 2024 06:43 AM IST
सार
Maharashtra: मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने वाले मनोज जरांगे पाटिल को पुलिस ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में आंदोलन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
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मनोज जरांगे
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
राज्यभर में मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने वाले मनोज जरांगे पाटिल को पुलिस ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में आंदोलन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वहीं, मनोज जरांगे आंदोलन करने पर अडिग हैं। इससे माहौल गरमा गया है।
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जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में आमरण अनशन कर मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य भर में सुर्खियां बटोरी थी, लेकिन पुलिस की तरफ से आंदोलन की अनुमति नहीं देने से प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। चार दिन पहले अंतरवाली गांव के लोगों ने जिलाधिकारी से निवेदन दिया था। वहीं, आसपास के गांवों और अंतरवाली सराटी गांव के उपसरपंच सहित 70 लोगों ने प्रशासन को एक निवेदन दिया है, जिसमें कहा गया है कि मराठा आंदोलन की वजह से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ रहा है। उपसरपंच सहित 5 ग्राम पंचायत सदस्यों ने भी मनोज जरांगे के आमरण अनशन का विरोध किया है।
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माना जा रहा है कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जरांगे पाटिल को आमरण अनशन की अनुमति देने से इनकार किया है। दूसरी ओर, यह बात भी सामने आ रही है कि अनशन की जगह को लेकर ग्राम सभा में कोई भी कागजात पेश नहीं किए गए हैं।
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कानून मुझे आंदोलन करने का अधिकार देता है: जरांगे
इधर, मनोज जरांगे पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि 4 जून तक आचार संहिता लगी थी, जिसका हमने सम्मान किया। आंदोलन करने के लिए पुलिस की नामंजूरी को हम नहीं मानेंगे। मैं कानून को मानता हूं, कानून ने मुझे आंदोलन करने का अधिकार दिया है। यह आंदोलन पहले स्थगित किया गया था, जिसे फिर शुरू करने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे मराठा समाज की नाराजगी मोल नहीं लेनी चाहिए।