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Maharashtra: भाजपा और शरद पवार गुट के समर्थकों के बीच झड़प के मामले में दो गिरफ्तार, पुलिस हिरासत में भेजे गए
Fri, 18 Jul 2025 05:25 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 18 Jul 2025 05:25 PM IST
सार
Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में भाजपा और राकांपा (शरद पवार गुट) के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें तीन तीन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि सदन की मर्यादा, आचरण और संवाद बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक गोपीचंद पडलकर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच झड़प के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें 21 जुलाई तक मुंबई पुलिस की हिरासत में भेजा गया है। महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में गुरुवार को दोनों गुटों के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
21 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया
पुलिस अधिकारी ने बताया, मरीन ड्राइव पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत आव्हाड के समर्थक नितिन देशमुख और पडलकर के समर्थक सरजेराव उर्फ ऋषिकेश ताकले को गिरफ्तार किया है। दोनों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। उनके बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। दोनों पर अवैध तरीके भीड़ को एकत्र करने, जानबूझकर अपमान करने की नीयत से भड़काने और ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारी पर हमला करने या उनके बाधा पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
मरीन ड्राइव पुलिस ने घटना पर क्या कहा
पुलिस अधिकारी ने बताया, देशमुख और ताकले ने एक-दूसरे के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की। वहां 6-7 लोगों की गैरकानूनी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। जब पुलिसकर्मी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, तो उनके काम में भी बाधा डाली गई। विधानभवन में तैनात 41 वर्षीय सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर मरीन ड्राइव थाने में यह मामला दर्ज किया गया है।
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संसदीय मर्यादा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी: देवेंद्र फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर सदन में दुख जताया और कहा, सदन की मर्यादा, आचरण और संवाद बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। फडणवीस ने यह भी बताया कि ताकले पर छह आपराधिक मामले दर्ज हैं और देशमुख के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं।
अब विधानभवन में प्रवेश नही कर सकेगा कोई आगंतुक: राहुल नार्वेकर
इस गंभीर घटना को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि सत्र के दौरान अब कोई भी विजिटर विधानभवन में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा, सत्र के दौरान केवल मंत्री, विधायक, उनके अधिकृत निजी सचिव और सरकारी अधिकारी ही विधान भवन में प्रवेश कर सकेंगे।
नार्वेकर ने कहा, सत्र के दौरान मंत्री विधानभवन में कोई आधिकारिक बैठक या आगंतुक (विजिटर) से मुलाकात नहीं कर पाएंगे। उन्हें अपनी सभी बैठकें और ब्रीफिंग मंत्रालय (मंत्रालय भवन) में करनी होंगी। साथ आने वाले व्यक्तियों के व्यवहार के लिए विधायकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। सदन में गोपीचंद पडळकर और जितेंद्र आव्हाड दोनों ने अपने समर्थकों के बीच हुई झड़प पर खेद जताया।
झड़प की घटना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण: अंबादास दानवे
वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के एमएलसी अंबादास दानवे ने इस झड़प को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। दानवे ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। यह झड़प उस समय हुई जब विधानसभा सत्र चल रहा था। गुरुवार को राकांपा (शरद पवार गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड और भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के बीच विधानभवन परिसर में झड़प हो गई थी।
ये भी पढ़ें: राजा रघुवंशी हत्याकांड: प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स को मेघालय की कोर्ट से मिली जमानत, घर से मिले थे अहम सबूत
दानवे ने कहा, यह बेहद शर्मनाक है। यह अब केवल राज्य के बाहर की कानून-व्यवस्था की बात नहीं रह गई है, बल्कि यह स्थिति अब विधानसभा तक पहुंच चुकी है। एक विधायक अपने समर्थकों को भड़का रहा है। सुरक्षा अधिकारियों को पक्षपात नहीं करना चाहिए। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा, इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। राकांपा (शरद पवार गुट) के नेता शशिकांत शिंदे ने भी इस मामले पर चर्चा की मांग की।
एंट्री पास के लिए तय किया गया है शुल्क: अनिल परब
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और एमएलसी अनिल परब ने दावा किया कि दक्षिण मुंबई के उच्च सुरक्षा वाले विधान भवन परिसर में एंट्री पास देने के लिए 'शुल्क' तय किया गया है — यानी पैसे देकर प्रवेश पास मिलता है। परब ने कहा कि विपक्ष ऐसे लोगों के नाम उजागर करेगा, जो पैसे लेकर एंट्री पास बेचते हैं और बताएगा कि यह पूरी व्यवस्था कैसे चलती है।
झड़प की घटना पर ध्यान दें विधान परिषद अध्यक्ष: शंभुराज देसाई
परब के इस बयान पर पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी को उन अधिकारियों के नाम स्पष्ट रूप से बताने चाहिए जो पास बेचने में शामिल हैं। इससे पहले शिवसेना मंत्री उदय सामंत ने भी विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे से आग्रह किया कि वह जितेंद्र आव्हाड और गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में ध्यान दें।
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सामंत ने कहा, राज्य विधानमंडल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। यह विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति का अधिकार है कि वह तय करें कि इस मामले में क्या कार्रवाई होनी चाहिए। विधानसभा और परिषद की परंपराओं की रक्षा होनी चाहिए। सभापति को इस पर ध्यान देना चाहिए और जरूरी कदम उठाने चाहिए।
झड़प से पहले दोनों विधायकों और समर्थकों में हुई थी बहस
बता दें कि गुरुवार को सत्र के दौरान आव्हाड और पडलकर के समर्थकों के बीच विधानसभा भवन की लॉबी में हिंसक झड़प हो गई थी। घटना के कई वीडियो सामने आए, जिसमें दोनों गुट एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसा रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मशक्कत से उन्हें अलग किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण बना। इससे विधानमंडल परिसर में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे। इससे एक दिन पहले ही दोनों विधायकों और उनके समर्थकों के बीच विधानसभा भवन के बाहर तीखी बहस हुई थी।
संबंधित वीडियो-
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21 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया
पुलिस अधिकारी ने बताया, मरीन ड्राइव पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत आव्हाड के समर्थक नितिन देशमुख और पडलकर के समर्थक सरजेराव उर्फ ऋषिकेश ताकले को गिरफ्तार किया है। दोनों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। उनके बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। दोनों पर अवैध तरीके भीड़ को एकत्र करने, जानबूझकर अपमान करने की नीयत से भड़काने और ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारी पर हमला करने या उनके बाधा पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
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मरीन ड्राइव पुलिस ने घटना पर क्या कहा
पुलिस अधिकारी ने बताया, देशमुख और ताकले ने एक-दूसरे के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की। वहां 6-7 लोगों की गैरकानूनी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। जब पुलिसकर्मी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, तो उनके काम में भी बाधा डाली गई। विधानभवन में तैनात 41 वर्षीय सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर मरीन ड्राइव थाने में यह मामला दर्ज किया गया है।
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संसदीय मर्यादा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी: देवेंद्र फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर सदन में दुख जताया और कहा, सदन की मर्यादा, आचरण और संवाद बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। फडणवीस ने यह भी बताया कि ताकले पर छह आपराधिक मामले दर्ज हैं और देशमुख के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं।
अब विधानभवन में प्रवेश नही कर सकेगा कोई आगंतुक: राहुल नार्वेकर
इस गंभीर घटना को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि सत्र के दौरान अब कोई भी विजिटर विधानभवन में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा, सत्र के दौरान केवल मंत्री, विधायक, उनके अधिकृत निजी सचिव और सरकारी अधिकारी ही विधान भवन में प्रवेश कर सकेंगे।
नार्वेकर ने कहा, सत्र के दौरान मंत्री विधानभवन में कोई आधिकारिक बैठक या आगंतुक (विजिटर) से मुलाकात नहीं कर पाएंगे। उन्हें अपनी सभी बैठकें और ब्रीफिंग मंत्रालय (मंत्रालय भवन) में करनी होंगी। साथ आने वाले व्यक्तियों के व्यवहार के लिए विधायकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। सदन में गोपीचंद पडळकर और जितेंद्र आव्हाड दोनों ने अपने समर्थकों के बीच हुई झड़प पर खेद जताया।
झड़प की घटना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण: अंबादास दानवे
वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के एमएलसी अंबादास दानवे ने इस झड़प को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। दानवे ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। यह झड़प उस समय हुई जब विधानसभा सत्र चल रहा था। गुरुवार को राकांपा (शरद पवार गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड और भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के बीच विधानभवन परिसर में झड़प हो गई थी।
ये भी पढ़ें: राजा रघुवंशी हत्याकांड: प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स को मेघालय की कोर्ट से मिली जमानत, घर से मिले थे अहम सबूत
दानवे ने कहा, यह बेहद शर्मनाक है। यह अब केवल राज्य के बाहर की कानून-व्यवस्था की बात नहीं रह गई है, बल्कि यह स्थिति अब विधानसभा तक पहुंच चुकी है। एक विधायक अपने समर्थकों को भड़का रहा है। सुरक्षा अधिकारियों को पक्षपात नहीं करना चाहिए। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा, इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। राकांपा (शरद पवार गुट) के नेता शशिकांत शिंदे ने भी इस मामले पर चर्चा की मांग की।
एंट्री पास के लिए तय किया गया है शुल्क: अनिल परब
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और एमएलसी अनिल परब ने दावा किया कि दक्षिण मुंबई के उच्च सुरक्षा वाले विधान भवन परिसर में एंट्री पास देने के लिए 'शुल्क' तय किया गया है — यानी पैसे देकर प्रवेश पास मिलता है। परब ने कहा कि विपक्ष ऐसे लोगों के नाम उजागर करेगा, जो पैसे लेकर एंट्री पास बेचते हैं और बताएगा कि यह पूरी व्यवस्था कैसे चलती है।
झड़प की घटना पर ध्यान दें विधान परिषद अध्यक्ष: शंभुराज देसाई
परब के इस बयान पर पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी को उन अधिकारियों के नाम स्पष्ट रूप से बताने चाहिए जो पास बेचने में शामिल हैं। इससे पहले शिवसेना मंत्री उदय सामंत ने भी विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे से आग्रह किया कि वह जितेंद्र आव्हाड और गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में ध्यान दें।
ये भी पढ़ें: 'गंभीर बीमार कैदियों की रिहाई के लिए समान नियम बनाएं सभी राज्य', सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सामंत ने कहा, राज्य विधानमंडल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। यह विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति का अधिकार है कि वह तय करें कि इस मामले में क्या कार्रवाई होनी चाहिए। विधानसभा और परिषद की परंपराओं की रक्षा होनी चाहिए। सभापति को इस पर ध्यान देना चाहिए और जरूरी कदम उठाने चाहिए।
झड़प से पहले दोनों विधायकों और समर्थकों में हुई थी बहस
बता दें कि गुरुवार को सत्र के दौरान आव्हाड और पडलकर के समर्थकों के बीच विधानसभा भवन की लॉबी में हिंसक झड़प हो गई थी। घटना के कई वीडियो सामने आए, जिसमें दोनों गुट एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसा रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मशक्कत से उन्हें अलग किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण बना। इससे विधानमंडल परिसर में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे। इससे एक दिन पहले ही दोनों विधायकों और उनके समर्थकों के बीच विधानसभा भवन के बाहर तीखी बहस हुई थी।
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