Maharashtra: नासिक TCS मामले के बाद महाराष्ट्र सरकार सख्त, कार्यस्थलों पर POSH कानून के कड़े पालन के निर्देश
नासिक टीसीएस मामले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कार्यस्थलों पर POSH एक्ट के सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। सभी संस्थानों को ICC गठन और शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नासिक स्थित टीसीएस मामले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) एक्ट के सख्त पालन के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी सरकारी और निजी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य होगा और इसका पंजीकरण केंद्र सरकार के ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल पर करना जरूरी होगा।
लापरवाही पर भारी जुर्माने का प्रावधान
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त जगदीश मिनियार ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन होने पर जुर्माना दोगुना किया जा सकता है या लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कई संस्थानों में अभी भी अनुपालन अधूरा
सरकारी आदेश में यह भी सामने आया है कि राज्य में कई निजी संस्थान अब तक POSH एक्ट के तहत अनिवार्य ICC का गठन नहीं कर पाए हैं। सरकार ने सभी संस्थानों को तत्काल समिति बनाने और शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
ICC गठन के नियम भी तय
कानून के अनुसार, हर आंतरिक शिकायत समिति में एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी अध्यक्ष के रूप में होगी। इसके अलावा कम से कम दो कर्मचारी सदस्य और एक एनजीओ प्रतिनिधि शामिल होगा। समिति में कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य महिलाएं होना अनिवार्य है।
कानून तोड़ने पर आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यौन उत्पीड़न, पीछा करना, गुप्त रूप से वीडियो बनाना या महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य पर भारतीय न्याय संहिता के तहत सख्त आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
नासिक TCS केस में SIT जांच और कार्रवाई
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में नौ एफआईआर दर्ज की हैं। आरोपों में महिला कर्मचारियों के साथ उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं आहत करने, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। अब तक इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की नीति किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की है। साथ ही जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.