Maharashtra Politics: विधान भवन के सामने महिला ने की खुदकुशी की कोशिश, ठाणे में NCP नेता समेत 20 पर केस
कविता चव्हाण (26 वर्षीय) नाम की महिला दोपहर करीब ढाई बजे विधान भवन परिसर के बाहर आई और उसने पीले रंग का ज्वलनशील तरल पदार्थ अपने ऊपर उड़ेल दिया।
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राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और कुछ अन्य नेताओं द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज समेत प्रतिष्ठित हस्तियों के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में एक महिला ने शुक्रवार को नागपुर में महाराष्ट्र विधान मंडल परिसर के बाहर खुद को आग लगाने की कोशिश की।
विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हुआ और 30 दिसंबर को समाप्त होगा। कविता चव्हाण (26 वर्षीय) नाम की महिला दोपहर करीब ढाई बजे विधान भवन परिसर के बाहर आई और उसने पीले रंग का ज्वलनशील तरल पदार्थ अपने ऊपर उड़ेल दिया। एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा परिसर के गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे देख लिया और उसे काबू कर लिया।
महिला सोलापुर जिले की रहने वाली है। उसने पुलिस से सवाल किया कि शिवाजी महाराज और समाज सुधारक महात्मा फुले और सावित्रिबाई फुले के खिलाफ टिप्पणी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। महिला ने बाद में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रशंसा में नारे लगाए।
इंसपेक्टर अतुल सबनीस ने कहा, इससे पहलेकि वह खुद को आग लगा पाती, पुलिस ने उसे रोक लिया। फिर उसे सीता बुल्दी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। राज्यपाल कोश्यारी ने हाल ही में कहा था कि शिवाजी महाराज 'अतीत के आदर्श' थे, जबकि भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया था कि मराठा योद्धा शिवाजी महाराज ने मुगल साम्राज्य से माफी मांगी थी। उनकी टिप्पणी के खिलाफ राज्यभर में विरोध हुआ।
बीते शनिवार को राकांपा, उद्धव ठाकरे की गुट वाली शिवसेना और कांग्रेस के महा विकास अघाड़ी गंठबंधन ने एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोल विरोध मार्च निकाला था। इसमें विपक्षी नेताओं ने राज्यपाल तो तत्काल हटाने की मांग की थी।
राकांपा नेता और बीस अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
ठाणे शहर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथि तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ नारे लगाने के आरोप में राकांपा नेता आनंद परांजपे और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि राकांपा की ठाणे शहर इकाई के प्रमुख परांजपे और बीस से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार शाम शहर में पार्टी कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर विरोध का एक वीडियो देखने के बाद शिवसेना के शिंदे गुट के एक पदाधिकारी ने शिकायत के साथ पुलिस से संपर्क किया। अधिकारी ने कहा, धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और भारतीय दंड संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के अन्य प्रासंगिक प्रावधानओं के तहत चितलसर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने कहा, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इसके अलावा शहर के दो थानों में अलग-अलग शिकायतों के आधार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दो और अपराध दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कहा, शिंदे गुट की शिवसेना के एक पदाधिकारी ने कल्याण में राकांपा नेता और कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस बीच राकांपा नेता और पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने एक ट्वीट में राज्य सरकार पर गैंगस्टर की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया।
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री शिंदे से मुलाकात की
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और कई मुद्दों पर चर्चा की। शिंदे ने ट्वीट किया कि उन्होंने राज्य विधानसभा परिसर में मनसे विधायक राजू पाटिल के साथ ठाकरे से मुलाकात की। शिंदे ने ट्वीट किया, "इस दौरान विधानसभा के कामकाज समेत कई विषयों पर चर्चा हुई।"
पुणे में किया गया भाजपा विधायक का अंतिम संस्कार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक मुक्ता तिलक का शुक्रवार को महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका कल यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।
उप मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने केसारीवादी में मुक्ता तिलक को श्रद्धांजलि दी जहां लोगों के आखिरी दर्शन के लिए उनका पार्थिक शरीर रखा गया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, राज्य के मंत्रियों, चंद्रकांत पाटिल, गिरीश महाज तथा अन्य भाजपा नेता मुक्ता तिलक के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
मुक्ता (57) पांच साल से कैंसर से जूझ रही थीं और कल एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें दस दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पुणे के कसबा निर्वाचन क्षेत्र की विधायक थीं। वर्ष 2019 में विधायक बनने से पहले मुक्ता तिलक पुणे की महापौर थीं। वह स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक के पड़पोते की पत्नी थीं।