{"_id":"65112f8ff77e41589602eb46","slug":"maharashtra-ncp-mlc-eknath-khadse-declined-joining-ajit-pawar-faction-offer-2023-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: अजित गुट में शामिल होने का प्रस्ताव मैंने ठुकराया, राकांपा-शरद पवार के नेता एकनाथ खड़से का दावा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: अजित गुट में शामिल होने का प्रस्ताव मैंने ठुकराया, राकांपा-शरद पवार के नेता एकनाथ खड़से का दावा
Mon, 25 Sep 2023 12:36 PM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:36 PM IST
सार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एमएलसी एकनाथ खडसे ने दावा किया है कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के गुट में शामिल होने के ऑफर को ठुकरा दिया। उन्होंने बताया कि इसके लिए उनके पास एक फोन कॉल आया था।
विज्ञापन
एकनाथ खडसे
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एमएलसी एकनाथ खडसे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक वफादार ने उनसे संपर्क किया था और उनसे गुट में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
विज्ञापन
इनका आया था फोन
खडसे ने संवाददाताओं से कहा कि मुझे अजित पवार की ओर से राकांपा एमएलसी अमोल मिटकारी का फोन आया था और उन्होंने मुझसे उनके गुट का साथ देने को कहा था। मैंने उनसे साफ कह दिया कि मैं शरद पवार के प्रति वफादार हूं और उन्हें नहीं छोड़ूंगा।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री खडसे ने 2020 में लगभग 40 साल पुराने संबंध को खत्म करते हुए खटास के साथ भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी थी। एनसीपी में शामिल होने के बाद, वह महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए चुने गए।
विज्ञापन
भाजपा नेता का आया बयान
इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए, जलगांव जिले से खडसे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश महाजन ने कहा कि मुझे पता चला है कि खडसे अजित पवार के पक्ष में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मेरी उन्हें सलाह है कि वह शरद पवार को न छोड़ें। उन्हें वरिष्ठ पवार के साथ रहना चाहिए।
अजित पवार और आठ अन्य विधायक इस साल जुलाई में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गए, जिससे उनके चाचा और राकांपा संस्थापक शरद पवार के बीच खींचतान शुरू हो गई। दोनों गुट कहते रहे हैं कि पार्टी विभाजित नहीं हुई है और वे ही असली एनसीपी हैं।