फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra MNS chief Raj Thackeray in court in connection with 2008 riots police assault hindi news updates

Maharashtra: 17 साल पहले दंगे में पुलिस पर हमले का मामला, MNS प्रमुख राज ठाकरे की अदालत में पेशी; जानिए मामला

Thu, 11 Dec 2025 01:36 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 11 Dec 2025 01:36 PM IST
सार

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे गुरुवार को 17 साल पुराने एक दंगे में पुलिस पर हमला करने के मामले में अदालत में पेश हुए हैं। जाने क्या है पूरा मामला ?
 

विज्ञापन
Maharashtra MNS chief Raj Thackeray in court in connection with 2008 riots police assault hindi news updates
राज ठाकरे - फोटो : पीटीआई

विस्तार

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे गुरुवार को 2008 के एक दंगा मामले में एक अदालत में पेश हुए हैं। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया, जब एमएनएस अध्यक्ष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवी कुलकर्णी के सामने पेश हुए तो बड़ी संख्या में समर्थक बाहर जमा हो गए। ठाकरे के सुनवाई के लिए पहुंचने पर अदालत परिसर में भारी भीड़ और पुलिस बंदोबस्त देखी गई।

विज्ञापन

राज ठाकरे ने खुद को निर्दोष बताया

जब मजिस्ट्रेट ने ठाकरे से पूछा कि क्या वह आरोपों को स्वीकार करते हैं, तो उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया। उनके वकील राजेंद्र शिरोडकर ने बताया कि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है। उन्होंने कहा कि एमएनएस प्रमुख जब भी निर्देश दिया जाएगा, अदालत की कार्यवाही में उपस्थित रहेंगे।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय तिनका तिनका इंडिया पुरस्कार: जेल में भी खिली प्रतिभाएं, मानवाधिकार दिवस पर 18 कैदियों को मिला सम्मान

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है पूरा मामला 

अदालत ने 19 अक्टूबर, 2008 को हुई दंगा, उम्मीदवारों पर हमले और पुलिसकर्मियों पर हमले की घटना के सिलसिले में उनके और उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप तय किए हैं। 2008 में, एमएनएस प्रमुख और उनके पार्टी कार्यकर्ताओं पर बिहार और उत्तर प्रदेश से रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने आए उम्मीदवारों को निशाना बनाने का आरोप लगा था। ठाकरे और एमएनएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कुल 54 मामले दर्ज किए गए थे। उस समय उन्हें 1 लाख रुपये की जमानत पर रिहा कर दिया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद, ठाकरे ने जून 2009 में अपनी अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि उनकी हिरासत में पूछताछ अनावश्यक थी, लेकिन सरकार के इस तर्क को बरकरार रखा कि निचली अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत निरर्थक हो गई थी।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed