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Hindi News ›   Maharashtra ›   Maharashtra Ministers meet Maharashtra governor BS Koshyari to consider CM Uddhav Thackerays MLC nomination

उद्धव को विधान परिषद भेजने के लिए राजभवन पहुंचे ठाकरे के मंत्री

Tue, 28 Apr 2020 09:45 PM IST
मुकेश कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: मुकेश कुमार झा Updated Tue, 28 Apr 2020 09:45 PM IST
सार

  • राज्यपाल से की मांग- उद्धव को जल्द मनोनीत करें एमएलसी

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Maharashtra Ministers meet Maharashtra governor BS Koshyari to consider CM Uddhav Thackerays MLC nomination
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में भेजने की कोशिश तेज हो गई है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ठाकरे को विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने का प्रस्ताव पारित कर दूसरे दिन वरिष्ठ मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। मंत्रियों ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर मंत्रिमंडल का प्रस्ताव सौंपा और मांग की कि उद्धव ठाकरे को जल्द विधान परिषद सदस्य मनोनीत करें।

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इस प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अलावा, एकनाथ शिंदे, अनिल परब, छगन भुजबल, जयंत पाटील, बाला साहेब थोरात शामिल थे। महा विकास आघाडी सरकार के इन मंत्रियों ने  राज्यपाल से विनती की कि वे इस पर जल्द फैसला लें। मुख्यमंत्री ठाकरे विधानमंडल के किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। नियामनुसार 28 मई से पहले उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने के लिए विधान मंडल के किसी भी सदन का सदस्य बनना जरुरी है। कोरोना संकट के चलते चुनाव आयोग ने विधान परिषद की रिक्त होने वाली सीटों के लिए चुनाव अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है। वहीं, राज्यपाल मनोनीत दो सीटे रिक्त हैं जिसका कार्यकाल 6 जून 2020 को समाप्त हो जाएगा। इनमें से एक सीट पर मुख्यमंत्री को एमएलसी मनोनीत करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। पहले 8 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में और फिर 27 अप्रैल को इस तरह का प्रस्ताव पारित किया गया।
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पाटिल का दावा, उद्धव नहीं बन सकते एमएलसी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का दावा है कि चुनाव आयोग के अनुसार जिस रिक्त सीट का कार्यकाल 6 महीने से कम है, वहां समय से पहले चुनाव नहीं कराए जा सकते। इसके तहत महज एक महीने से भी कम (6 जून) का समय होने के कारण राज्यपाल नियमतः उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य मनोनीत नहीं कर सकते। वहीं, दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री पवार को मंत्रिमंडल की अध्यक्षता करने लिए औपचारिक तौर पर अधिकार नहीं दिया था। चंद्रकांत पाटील ने इसको लेकर भी सवाल उठाए थे। इसलिए सोमवार को फिर से अजित पवार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई और उद्धव को विधान परिषद में भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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उद्धव और पवार में गुप्त बैठक
इसी बीच, एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच दादर स्थित बाल ठाकरे स्मारक में गुप्त बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार सोमवार की रात हुई बैठक में उद्धव को एमएलसी मनोनीत किए जाने के मुद्दे पर गंभीर चर्चा की गई कि यदि राज्यपाल ने नियमों का हवाला देकर उद्धव को विधान परिषद सदस्य मनोनीत नहीं किया तो अन्य क्या विकल्प हो सकते हैं। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि राज्यपाल कैबिनेट में पारित किए गए प्रस्ताव को मानने के लिए बाध्य हैं। इसलिए यदि राज्यपाल चाहें तो उद्धव को एमएलसी मनोनीत कर सकते हैं। 

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