{"_id":"657ae93cdca7866e7d0215de","slug":"maharashtra-minister-mangal-says-committee-to-be-formed-on-issue-of-converted-tribals-who-get-dual-benefits-2023-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra Assembly: 'धर्मांतरित आदिवासियों को मिलने वाले दोहरे लाभ की जांच करेगी समिति', मंत्री का बड़ा बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra Assembly: 'धर्मांतरित आदिवासियों को मिलने वाले दोहरे लाभ की जांच करेगी समिति', मंत्री का बड़ा बयान
Thu, 14 Dec 2023 05:13 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 14 Dec 2023 05:13 PM IST
सार
आदिवासी धर्म परिवर्तन करते है उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य और अनुसूचित जनजाति के सदस्य के रूप में भी लाभ मिलता है। यह बात महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कही है।
विज्ञापन
Maharashtra Assembly
- फोटो : Social Media
विस्तार
दोहरे लाभ पाने वाले धर्मांतरित आदिवासियों के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने महाराष्ट्र विधान परिषद में कहा कि राज्य सरकार उन आधिवासियों को सूची में हटाने की मांग का अध्ययन करने के लिए एक समिति बनाएगी, जिन्हें दूसरे धर्म में परिवर्तित होने के बाद दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने विधान परिषद में बोलते हुए कहा कि जो आदिवासी धर्म परिवर्तन करते है उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य और अनुसूचित जनजाति के सदस्य के रूप में भी लाभ मिलता है। बता दें दावा किया गया कि कई आदिवासियों को जबरदस्ती और प्रलोभन के माध्यम से धर्मांतरित किया जा रहा है। इस तरह कि चीजें आदिवासी संस्कृति को खोखला कर देता है।
'धर्मांतरण के बाद भी ले रहे कई आदिवासी लाभ'
कौशल विकास और रोजगार मंत्री लोढ़ा ने कहा कि ऐसे दोहरे लाभ पाने वाले व्यक्तियों को सूची से हटाने के मुद्दे का अध्ययन करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल होंगे। बता दें मंत्री लोढ़ा भाजपा विधायक निरंजन डावखरे, प्रवीण दरेकर द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। जिसमें कहा गया था कि इस्लाम, ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासियों को एसटी सूची से हटाने और उनके लिए आरक्षण लाभ वापस लेने की मांग की गई है।
कांग्रेस-भाजपा की जमकर बहस
इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान भाजपा एमएलसी और कांग्रेस के कपिल पाटिल के बीच जोरदार बहस हुई। पाटिल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को यह तय करने का अधिकार है कि उन्हें किसकी पूजा करनी चाहिए और आरोप लगाया कि प्रस्तावित सूची से हटाने से धार्मिक भेदभाव होगा। उन्होंने कहा कि अगर आदिवासी हिंदू धर्म अपनाते हैं, तो यह स्वीकार्य हो जाता है लेकिन अगर वे इस्लाम, ईसाई धर्म या बौद्ध धर्म अपनाते हैं तो इसे अस्वीकार्य माना जाता है।
विज्ञापन
वहीं मंत्री लोढ़ा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ चर्चा करेंगे और जल्द ही सदन को सूचित करेंगे।
विज्ञापन
'धर्मांतरण के बाद भी ले रहे कई आदिवासी लाभ'
कौशल विकास और रोजगार मंत्री लोढ़ा ने कहा कि ऐसे दोहरे लाभ पाने वाले व्यक्तियों को सूची से हटाने के मुद्दे का अध्ययन करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल होंगे। बता दें मंत्री लोढ़ा भाजपा विधायक निरंजन डावखरे, प्रवीण दरेकर द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। जिसमें कहा गया था कि इस्लाम, ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासियों को एसटी सूची से हटाने और उनके लिए आरक्षण लाभ वापस लेने की मांग की गई है।
विज्ञापन
कांग्रेस-भाजपा की जमकर बहस
इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान भाजपा एमएलसी और कांग्रेस के कपिल पाटिल के बीच जोरदार बहस हुई। पाटिल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को यह तय करने का अधिकार है कि उन्हें किसकी पूजा करनी चाहिए और आरोप लगाया कि प्रस्तावित सूची से हटाने से धार्मिक भेदभाव होगा। उन्होंने कहा कि अगर आदिवासी हिंदू धर्म अपनाते हैं, तो यह स्वीकार्य हो जाता है लेकिन अगर वे इस्लाम, ईसाई धर्म या बौद्ध धर्म अपनाते हैं तो इसे अस्वीकार्य माना जाता है।
विज्ञापन
वहीं मंत्री लोढ़ा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ चर्चा करेंगे और जल्द ही सदन को सूचित करेंगे।