महाराष्ट्र: श्रमिकों का पलायन शुरू, दिख रहा पिछले साल जैसा नजारा, मुंबई में सख्त पाबंदियां लागू
- कोरोना महामारी से महाराष्ट्र में बुरी स्थिति
- मरीज बढ़ने के साथ सरकार का भी सख्त रूख
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में एक बार पुन: पिछले साल अप्रैल-मई जैसा नजारा दिखने लगा है। प्रवासी श्रमिक-कर्मचारियों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है। पूरे राज्य में शनिवार-रविवार लॉकडाउन का निर्णय लिया गया है। वहीं मुंबई में रोज बढ़े रहे संक्रमण को देखते हुए सोमवार रात आठ बजे से धारा 144 के तहत सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
यूपी, बिहार, मप्र, बंगाल के श्रमिक लौटने लगे
महाराष्ट्र में भले लॉकडाउन नहीं हुआ है, लेकिन श्रमिक-कामगारों में पिछले साल जैसा भय बैठ गया है। यही वजह से है एक बार पुन: बड़ी संख्या में बाहरी श्रमिक अपने-अपने राज्यों को लौटने लगे हैं। नासिक में यूपी, बिहार, मप्र, बंगाल के श्रमिकों के जत्थे नजर आए, जो अपने-अपने गृह राज्य लौट रहे हैं।
संस्थानों ने घर लौटने को कहा-
ये वो लोग हैं जो महाराष्ट्र की होटलों, उद्योगों, निर्माण उद्योग, ट्रांसपोर्ट कारोबार आदि में लगे थे। ये लौटने के लिए पहली ट्रेन पकड़ने लगे हैं। इन श्रमिक-कामगारों को डर है कि यदि पिछली बार की तरह अचानक लॉकडाउन हो गया तो उनका घर लौटना मुश्किल हो जाएगा। ये लोग जहां काम करते हैं, उन संस्थानों के प्रमुखों ने ही उन्हें घर लौटने को कह दिया है।
पिछले साल हजारों पैदल घर लौटे थे, कई ने रास्ते में प्राण त्यागे
पिछले साल कोरोना की पहली लहर में अप्रैल-मई की प्रचंड गर्मी के दौरान महाराष्ट्र व गुजरात से हजारों प्रवासी श्रमिक अपने-अपने राज्यों को पैदल लौटे थे, क्योंकि ट्रेनें व बसें बंद कर दी गई थीं। प्रचंड गर्मी में बच्चों व सामान सहित पैदल चलते हुए और हादसों के कारण कई लोगों ने रास्ते में ही प्राण त्याग दिए थे।
पटरी पर सो रहे श्रमिकों को मालगाड़ी ने रौंद दिया था
पिछले साल 8 मई को महाराष्ट्र के औरंगाबाद-जालना रेल खंड में पैदल घर लौट रहे थके-मांदे श्रमिक रेल की पटरी पर ही सो गए थे। उन्हें इतनी गहरी नींद लगी कि मालगाड़ी उन्हें कुचलते हुए निकल गई थी। हादसे में 16 श्रमिकों की मौत हो गई थी।
मुंबई में 30 अप्रैल तक सख्त पाबंदियां
- सप्ताह के सातों दिन सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक पांच से ज्यादा लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने या घूमने पर रोक
- शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह तक किसी को भी अकारण घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं
- सप्ताह के दिनों में शॉपिंग मॉल, बार, रेस्तरां, छोटी दुकानें केवल सामान पैक करा कर ले जाने के लिए और पार्सल के लिए खुली रहेंगी
- विशेष अनुमति व आपात स्थिति में संबंधित व्यक्तियों को छूट दी जा सकेगी। यह अनुमति या पास क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त जारी करेंगे।