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महाराष्ट्र : ई स्कूटर को गधे से बांधकर निकाला जुलूस, परली वैजनाथ के व्यवसायी ने गुस्से में इसलिए किया ऐसा
Tue, 26 Apr 2022 07:40 AM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, औरंगाबाद
पीटीआई, औरंगाबाद
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 26 Apr 2022 07:40 AM IST
सार
बीड़ जिले के परली वैजनाथ के कारोबारी सचिन गीते कंपनी द्वारा ई स्कूटर की खराबी दूर नहीं कर पाने से बुरी तरह चिढ़ गए। इसलिए उन्होंने क्रोधित होकर यह हरकत की।
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परली वैजनाथ में गधे से बांधकर ई स्कूटर को शहर में घुमाया
- फोटो : social media
विस्तार
देश में ई स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं के बाद अब उसके खराब होने से गुस्साए व्यवसायी द्वारा उसे गधे से बांधकर जुलूस निकालने की चौंकाने वाली खबर आई है। महाराष्ट्र के परली वैजनाथ के एक कारोबारी का ई स्कूटर खरीदी के 15 दिन बाद ही चलना बंद हो गया। बार-बार शिकायत के बाद भी उसके निर्माता उसे ठीक नहीं कर पाए, इस पर कारोबारी ने गुस्से में उसे रस्सी से गधे से बांधकर कस्बे में घुमाया।
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बीड़ जिले के परली वैजनाथ के कारोबारी सचिन गीते कंपनी द्वारा ई स्कूटर की खराबी दूर नहीं कर पाने से बुरी तरह चिढ़ गए। गीते ने एक प्रसिद्ध कंपनी का बैटरी चलित यह स्कूटर पिछले साल सितंबर में 20 हजार रुपये का भुगतान कर बुक किया था। इसके बाद 21 जनवरी 2022 को उन्होंने बचे 65 हजार रुपये भी अदा कर दिए थे। 24 मार्च 2022 को उन्हें इस स्कूटर की डिलीवरी मिली थी।
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पीटीआई से चर्चा में गीते ने बताया कि मैंने पूरी रकम देकर यह स्कूटर खरीदा था, लेकिन वह 8 अप्रैल को बंद हो गया। इस पर मैंने संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर का विवरण निकाला और शिकायत की, लेकिन कंपनी ने ठीक से जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रयास करें तो भगवान को भी पा सकते हैं, लेकिन इस कंपनी के लोगों को ढूंढना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि नए स्कूटर में खराबी से वह इतने व्यथित हो गए थे कि एक बार तो उसे जला देने का विचार आया।
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गीते ने बताया कि बार-बार शिकायत करने पर कंपनी ने एक मैकेनिक को भेजा। इसके बाद भी खराबी दूर नहीं हुई और मेरा स्कूटर लंबे समय तक एक ही जगह पर खड़ा रहा। इस पर मुझे लगा कि यह स्कूटर किसी काम का नहीं है, इसलिए गुस्सा आने पर आग लगाने की भी सोची, लेकिन इसके बाद उसे गधे से बांधकर शहर में घुमाने का विचार आया। उन्होंने यह भी कहा कि वे कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में केस लगाने पर भी विचार कर रहे हैं।