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Maharashtra: 'निकाय चुनाव में मतदान से पहले ही पार्टी के 100 पार्षद निर्विरोध जीते', भाजपा का दावा
Sat, 22 Nov 2025 02:39 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 22 Nov 2025 02:39 PM IST
सार
विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि भाजपा की खानदानी राजनीति की परंपरा अब जमीनी स्तर के चुनावों तक पहुंच गई है और नेताओं के रिश्तेदारों की बिना किसी विरोध के जीत पक्की करने के लिए पुलिस मशीनरी पर दबाव डाला जा रहा है।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने दावा किया है कि निकाय चुनाव से पहले ही राज्य भर में म्युनिसिपल काउंसिल और नगर पंचायतों में सत्ताधारी पार्टी भाजपा के 100 पार्षद निर्विरोध चुन लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीन नगर पालिका के अध्यक्ष भी निर्विरोध चुन लिए गए हैं। शुक्रवार को निकाय चुनाव में नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था।
भाजपा का इन क्षेत्रों में जीत का दावा
चव्हाण ने कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की वजह से, मतदान से पहले ही 100 भाजपा पार्षद बिना किसी विरोध के चुने गए हैं।' उन्होंने कहा कि 100 पार्षदों में से चार तटीय कोंकण क्षेत्र से, 49 उत्तरी महाराष्ट्र से, 41 पश्चिमी महाराष्ट्र से, और तीन-तीन मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र से हैं।
निर्विरोध जीतने वालों में कई मंत्रियों के रिश्तेदार शामिल
महाराष्ट्र की 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को होने हैं, और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। मंत्री गिरीश महाजन और जयकुमार रावल समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के रिश्तेदार निकाय चुनाव में बिना किसी विरोध के चुने गए हैं। इसे लेकर विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि भाजपा की खानदानी राजनीति की परंपरा अब जमीनी स्तर के चुनावों तक पहुंच गई है और नेताओं के रिश्तेदारों की बिना किसी विरोध के जीत पक्की करने के लिए पुलिस मशीनरी पर दबाव डाला जा रहा है।
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ये भी पढ़ें- UP: दिल्ली बम विस्फोट के बाद एक चौथाई हुईं पाकिस्तान की जाने वाली फोन कॉल... अब इन एप के जरिए किए जा रहे कॉल!
जामनेर में, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन, कांग्रेस उम्मीदवार रूपाली लालवानी और एनसीपी के दो उम्मीदवारों के मैदान से हटने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुनी गईं। मंत्री जयकुमार रावल की मां, नयन कुंवर रावल, धुले जिले में डोंडाइचा-वरवड़े नगर परिषद की अध्यक्ष बिना किसी मुकाबले के चुन ली गईं, क्योंकि विरोधी उम्मीदवार शरयू भावसार का नामांकन रद्द हो गया था। भावसार ने आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव में उनका नामांकन रद्द किया गया। एक और बड़ी निर्विरोध जीत, चिखलदरा नगर परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चचेरी बहन अल्हड़ कलोटी की है।
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भाजपा का इन क्षेत्रों में जीत का दावा
चव्हाण ने कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की वजह से, मतदान से पहले ही 100 भाजपा पार्षद बिना किसी विरोध के चुने गए हैं।' उन्होंने कहा कि 100 पार्षदों में से चार तटीय कोंकण क्षेत्र से, 49 उत्तरी महाराष्ट्र से, 41 पश्चिमी महाराष्ट्र से, और तीन-तीन मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र से हैं।
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निर्विरोध जीतने वालों में कई मंत्रियों के रिश्तेदार शामिल
महाराष्ट्र की 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को होने हैं, और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। मंत्री गिरीश महाजन और जयकुमार रावल समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के रिश्तेदार निकाय चुनाव में बिना किसी विरोध के चुने गए हैं। इसे लेकर विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि भाजपा की खानदानी राजनीति की परंपरा अब जमीनी स्तर के चुनावों तक पहुंच गई है और नेताओं के रिश्तेदारों की बिना किसी विरोध के जीत पक्की करने के लिए पुलिस मशीनरी पर दबाव डाला जा रहा है।
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जामनेर में, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन, कांग्रेस उम्मीदवार रूपाली लालवानी और एनसीपी के दो उम्मीदवारों के मैदान से हटने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुनी गईं। मंत्री जयकुमार रावल की मां, नयन कुंवर रावल, धुले जिले में डोंडाइचा-वरवड़े नगर परिषद की अध्यक्ष बिना किसी मुकाबले के चुन ली गईं, क्योंकि विरोधी उम्मीदवार शरयू भावसार का नामांकन रद्द हो गया था। भावसार ने आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव में उनका नामांकन रद्द किया गया। एक और बड़ी निर्विरोध जीत, चिखलदरा नगर परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चचेरी बहन अल्हड़ कलोटी की है।