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Maharashtra: गवाह बयान से मुकरे, हत्या के पांच आरोपियों को अदालत ने किया रिहा
Fri, 02 May 2025 03:16 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 02 May 2025 03:16 PM IST
सार
गवाहों के बयान से मुकरने और कोई सबूत ने मिलने के चलते ठाणे की एक अदालत ने हत्या के पांच आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। हत्या का यह मामला साल 2014 का है, जिसमें लोगों के एक समूह ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने हत्या के पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया। पांचों आरोपियों पर साल 2014 में एक युवक की हत्या का आरोप था। कल्याण सेशन कोर्ट की अतिरिक्त जज मंगला ए मोते ने गवाहों के बयान से मुकरने के बाद आरोपियों को रिहा करने का फैसला सुनाया।
पांच आरोपी रिहा, एक की सुनवाई के दौरान हुई मौत
अदालत ने वसंत गुलाब उबाले (51 वर्षीय), पीयूष रमेश जगताप (40 वर्षीय), संदीप मगन पंडित (45 वर्षीय) अक्षय रमेश जगताप (33 वर्षीय) और प्रवीण सुरेश चिकाने (40 वर्षीय) पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या की कोशिश) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है। घटना 9 सितंबर 2014 को हुई थी, जब लोगों के एक समूह ने लाठी-डंडों और लोहे की छड़ के साथ तीन लोगों पर हमला कर दिया था। पिटाई से एक पीड़ित सचिन रोंगेट की मौत हो गई थी और दो अन्य लोग घायल हो गए थे।
ये भी पढ़ें- Assam: 'बलूचिस्तान में हो रही लोगों की हत्या मानवाधिकारों का काला अध्याय', CM सरमा का पाकिस्तान पर करारा हमला
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जज ने क्या कहा
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और साल 2016 में आधिकारिक रूप से आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। मार्च 2025 में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका और गवाह भी अपने बयान से मुकर गए। जज ने कहा कि 'ऐसा लगता है कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। आरोपियों के खिलाफ कोई भी ऐसा सबूत पेश नहीं किया गया है, जिससे उनका अपराध साबित हो। ऐसे में उन्हें रिहा किया जाता है।'
ये भी पढ़ें- Karnataka: 'मुझे भी धमकी भरे फोन आते हैं', सीएम सिद्धारमैया ने किया खुलासा, पुलिस को दिए जांच के निर्देश
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पांच आरोपी रिहा, एक की सुनवाई के दौरान हुई मौत
अदालत ने वसंत गुलाब उबाले (51 वर्षीय), पीयूष रमेश जगताप (40 वर्षीय), संदीप मगन पंडित (45 वर्षीय) अक्षय रमेश जगताप (33 वर्षीय) और प्रवीण सुरेश चिकाने (40 वर्षीय) पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या की कोशिश) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है। घटना 9 सितंबर 2014 को हुई थी, जब लोगों के एक समूह ने लाठी-डंडों और लोहे की छड़ के साथ तीन लोगों पर हमला कर दिया था। पिटाई से एक पीड़ित सचिन रोंगेट की मौत हो गई थी और दो अन्य लोग घायल हो गए थे।
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जज ने क्या कहा
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और साल 2016 में आधिकारिक रूप से आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। मार्च 2025 में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका और गवाह भी अपने बयान से मुकर गए। जज ने कहा कि 'ऐसा लगता है कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। आरोपियों के खिलाफ कोई भी ऐसा सबूत पेश नहीं किया गया है, जिससे उनका अपराध साबित हो। ऐसे में उन्हें रिहा किया जाता है।'
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