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Maharashtra: विधानसभा में उठा छात्राओं के कपड़े उतरवाने का मामला, सीएम फडणवीस ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
Thu, 10 Jul 2025 02:14 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:14 PM IST
सार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहापुर स्थित एक निजी स्कूल में कथित तौर पर कक्षा 5 से 10 तक की छात्राओं के मासिक धर्म की जांच के लिए कपड़े उतरवाए गए। कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार को घेरा।
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नाना पटोले, देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : PTI
विस्तार
ठाणे के एक स्कूल में मासिक धर्म की जांच के लिए छात्राओं के कपड़े उतरवाने का मामला गुरुवार को विधानसभा में उठा। कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। इस पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहापुर स्थित एक निजी स्कूल में कथित तौर पर कक्षा 5 से 10 तक की छात्राओं के मासिक धर्म की जांच के लिए कपड़े उतरवाए गए। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल, चार शिक्षकों सहित आठ लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल और एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार कर लिया। इस मुद्दे को कांग्रेस के नाना पटोले ने निचले सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य में भी ऐसी घटना हो सकती है।
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एनसीपी (शरद) के जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि इस मामले में शामिल स्कूल की प्रिंसिपल खुद एक महिला हैं। कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड़ ने भी मांग की कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और पानी जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। इसे लेकर मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ठाणे जिले के एक निजी स्कूल में हुई घटना की जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में किया विरोध प्रदर्शन
मंगलवार को शाहापुर कस्बे के आर. एस. दमानी स्कूल में उस समय हुई, जब स्कूल के शौचालय में खून के धब्बे पाए गए। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की इस कदम ने छात्राओं के अभिभावकों में आक्रोश पैदा कर दिया। नाराज अभिभावकों ने आज स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और इस घटना में शामिल प्रबंधन और शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बुधवार रात स्कूल की प्रिंसिपल और एक महिला अटेंडेंट को गिरफ्तार किया।
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आठ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करने की नीयत से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 76 (महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से हमला या बल प्रयोग) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहापुर स्थित एक निजी स्कूल में कथित तौर पर कक्षा 5 से 10 तक की छात्राओं के मासिक धर्म की जांच के लिए कपड़े उतरवाए गए। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल, चार शिक्षकों सहित आठ लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल और एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार कर लिया। इस मुद्दे को कांग्रेस के नाना पटोले ने निचले सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य में भी ऐसी घटना हो सकती है।
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एनसीपी (शरद) के जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि इस मामले में शामिल स्कूल की प्रिंसिपल खुद एक महिला हैं। कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड़ ने भी मांग की कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और पानी जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। इसे लेकर मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ठाणे जिले के एक निजी स्कूल में हुई घटना की जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में किया विरोध प्रदर्शन
मंगलवार को शाहापुर कस्बे के आर. एस. दमानी स्कूल में उस समय हुई, जब स्कूल के शौचालय में खून के धब्बे पाए गए। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की इस कदम ने छात्राओं के अभिभावकों में आक्रोश पैदा कर दिया। नाराज अभिभावकों ने आज स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और इस घटना में शामिल प्रबंधन और शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बुधवार रात स्कूल की प्रिंसिपल और एक महिला अटेंडेंट को गिरफ्तार किया।
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आठ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करने की नीयत से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 76 (महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से हमला या बल प्रयोग) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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