{"_id":"657bbde1be7680e22a09bcf6","slug":"maharashtra-history-of-jumping-from-audience-gallery-into-house-during-assembly-session-in-maharashtra-is-old-2023-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा से सदन में कूदने का इतिहास पुराना; जानें सबकुछ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा से सदन में कूदने का इतिहास पुराना; जानें सबकुछ
Fri, 15 Dec 2023 08:16 AM IST
अभिषेक दीक्षित
सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 15 Dec 2023 08:16 AM IST
सार
महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व सचिव अनंत कलसे ने बताया कि राज्य विधानसभा में बबनराव ढाकने के बाद ऐसे कई वाकये सामने आए। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख के कार्यकाल में भी दो युवक डीएड (डिप्लोमा इन एज्युकेशन) के मुद्दों पर दर्शक दीर्घा से विधानसभा सदन में कूदे थे।
विज्ञापन
महाराष्ट्र विधानसभा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संसद पर हमले की बरसी पर लोकसभा के दर्शक दीर्घा से दो युवकों के सदन में कूदने से सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, लेकिन महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा से सदन में कूदने और विरोध दर्ज कराने का पुराना इतिहास है। राज्य विधानसभा में इस तरह का कारनामा करने वाले पहले शख्स थे बबनराव ढाकने। जो राजनीति में बुलंदियों पर पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री बने थे।
विज्ञापन
महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व सचिव अनंत कलसे ने बताया कि राज्य विधानसभा में बबनराव ढाकने के बाद ऐसे कई वाकये सामने आए। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख के कार्यकाल में भी दो युवक डीएड (डिप्लोमा इन एज्युकेशन) के मुद्दों पर दर्शक दीर्घा से विधानसभा सदन में कूदे थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया था।
विज्ञापन
उससे पहले राम पंडालगे ने भी ऐसी ही हरकत की थी और बाद में शिवसेना से विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। बबनराव ढाकने के बारे में उन्होंने बताया कि 8 जुलाई, 1968 को जब महाराष्ट्र विधानमंडल का सत्र चल रहा था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंतराव नाईक किसी महत्वपूर्ण विषय पर बोल रहे थे। अचानक दर्शक दीर्घा से शोर मच गया। सदन में बैठे विधायकों पर पर्चों की बारिश और नारेबाजी होने लगी। गैलरी से नीचे कूदने पर एक शख्स को पकड़ा गया। ये थे बबनराव ढाकने।
विज्ञापन
उसके बाद बबनराव ढाकने सूबे में चर्चित हो गए। बबनराव ढाकने ने राजनीति में प्रवेश किया और कांग्रेस में शामिल हो गए। ढाकने 1978 में पहली बार पाथर्डी सीट से विधानसभा के लिए चुने गए। बाद में वह पांच बार विधायक बने। साल 1979 में ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में भी कार्य किया और राज्य के लोकनिर्माण मंत्री भी बने।
साल 1989 में जब वे विधान सभा के उपाध्यक्ष थे, तब उन्होंने 10 नवंबर 1989 को बीड लोकसभा क्षेत्र से जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और नौवीं लोकसभा के लिए चुने गए। उसके बाद चंद्रशेखर देश के प्रधानमंत्री बने और बबनराव ढाकने उनकी सरकार में ऊर्जा राज्यमंत्री बने। बबनराव ढाकने का 87 वर्ष की आयु में 27 अक्तूबर 2023 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।