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Maharashtra: फडणवीस के फोन टैपिंग मामले की होगी CBI जांच, शिंदे सरकार ने राज्य पुलिस को दिया निर्देश
Sat, 23 Jul 2022 09:10 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 23 Jul 2022 09:10 PM IST
सार
आपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला (IPS Rashmi Shukla) पर 2019 में राज्य के खुफिया विभाग (State Intelligence Department) के प्रमुख के रूप में राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के फोन को अवैध रूप से टैप (Illegal Phone Tapping) करने का आरोप है।
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महाराष्ट्र सरकार ने दो मामलों को सीबीआई जांच के लिए ट्रांसफर किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य पुलिस को दो मामलों की सीबीआई (CBI) जांच को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है, जिनमें एक कथित फोन टैपिंग का मामला भी शामिल है जिसमें उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) का बयान पहले दर्ज किया गया था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
भाजपा नेता पर रंगदारी और आपराधिक धमकी का है आरोप
उन्होंने बताया कि दूसरे मामले में एक अन्य भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मंत्री गिरीश महाजन (Girish Mahajan) शामिल हैं, जिन पर रंगदारी और आपराधिक धमकी का आरोप है।अधिकारी ने कहा, "राज्य सरकार (Maharashtra Govt) ने इन दोनों मामलों में जांच स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया है।"
आईपीएस अधिकारी पर फोन टैप करने का आरोप
आपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला (Rashmi Shukla) पर 2019 में राज्य के खुफिया विभाग (SID) के प्रमुख के रूप में राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के फोन को अवैध रूप से टैप करने का आरोप है।
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राज्य के खुफिया विभाग ने दर्ज कराई थी शिकायत
मुंबई पुलिस ने 2021 में राजनीतिक नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के कथित फोन टैपिंग और गोपनीय दस्तावेजों को लीकर करने के लिए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीकेसी साइबर पुलिस स्टेशन में आधिकारिक गोपनियता अधिनियम की धाराओं के तहत पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की थी। इसकी शिकायत राज्य के खुफिया विभाग (SID) ने की थी।
साल 2014 से 2019 तक राज्य के मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुलिस विभाग में तबादलों में कथित भ्रष्टाचार के बारे में शुक्ला द्वारा महाराष्ट्र के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक को कथित रूप से लिखे गए एक पत्र का हवाला दिया था। पत्र में इंटरसेप्ट किए गए फोन कॉल का विवरण भी था, जिसके कारण तत्कालीन शिवसेना के नेतृत्व वाले गठबंधन के नेताओं के साथ खूब हंगामा हुआ था।
रश्मि शुक्ला पर गोपनीय रिपोर्ट लीक करने का आरोप
इससे पहले महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्य सचिव सीताराम कुंटे ने अपनी जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि शुक्ला ने गोपनीय रिपोर्ट लीक की है। उन्होंने कहा था कि साइबर पुलिस टीम ने इस मामले में शुक्ला का बयान दर्ज किया था। फडणवीस का बयान भी इस साल मार्च में दर्ज किया गया था।
मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त संजय पांडे के आदेश पर मामले को आगे की जांच के लिए हाल ही में दक्षिण मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने राज्य में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद अब उसने जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश जारी किए हैं।
प्राथमिकी में महाजन के अलावा 28 अन्य के भी नाम
वहीं गिरीश महाजन के खिलाफ उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में मामला दर्ज किया गया था। अधिकारी ने बताया प्राथमिकी में महाजन के अलावा 28 अन्य लोगों के भी नाम हैं।
उन्होंने कहा, उन पर (महाजन) जलगांव में एक सहकारी शिक्षण संस्थान के एक पदाधिकारी से रंगदारी मांगने और धमकाने का आरोप है। बाद में मामले को जांच के लिए पुणे के कोथरुड पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था।
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भाजपा नेता पर रंगदारी और आपराधिक धमकी का है आरोप
उन्होंने बताया कि दूसरे मामले में एक अन्य भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मंत्री गिरीश महाजन (Girish Mahajan) शामिल हैं, जिन पर रंगदारी और आपराधिक धमकी का आरोप है।अधिकारी ने कहा, "राज्य सरकार (Maharashtra Govt) ने इन दोनों मामलों में जांच स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया है।"
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आईपीएस अधिकारी पर फोन टैप करने का आरोप
आपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला (Rashmi Shukla) पर 2019 में राज्य के खुफिया विभाग (SID) के प्रमुख के रूप में राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के फोन को अवैध रूप से टैप करने का आरोप है।
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राज्य के खुफिया विभाग ने दर्ज कराई थी शिकायत
मुंबई पुलिस ने 2021 में राजनीतिक नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के कथित फोन टैपिंग और गोपनीय दस्तावेजों को लीकर करने के लिए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीकेसी साइबर पुलिस स्टेशन में आधिकारिक गोपनियता अधिनियम की धाराओं के तहत पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की थी। इसकी शिकायत राज्य के खुफिया विभाग (SID) ने की थी।
साल 2014 से 2019 तक राज्य के मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुलिस विभाग में तबादलों में कथित भ्रष्टाचार के बारे में शुक्ला द्वारा महाराष्ट्र के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक को कथित रूप से लिखे गए एक पत्र का हवाला दिया था। पत्र में इंटरसेप्ट किए गए फोन कॉल का विवरण भी था, जिसके कारण तत्कालीन शिवसेना के नेतृत्व वाले गठबंधन के नेताओं के साथ खूब हंगामा हुआ था।
रश्मि शुक्ला पर गोपनीय रिपोर्ट लीक करने का आरोप
इससे पहले महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्य सचिव सीताराम कुंटे ने अपनी जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि शुक्ला ने गोपनीय रिपोर्ट लीक की है। उन्होंने कहा था कि साइबर पुलिस टीम ने इस मामले में शुक्ला का बयान दर्ज किया था। फडणवीस का बयान भी इस साल मार्च में दर्ज किया गया था।
मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त संजय पांडे के आदेश पर मामले को आगे की जांच के लिए हाल ही में दक्षिण मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने राज्य में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद अब उसने जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश जारी किए हैं।
प्राथमिकी में महाजन के अलावा 28 अन्य के भी नाम
वहीं गिरीश महाजन के खिलाफ उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में मामला दर्ज किया गया था। अधिकारी ने बताया प्राथमिकी में महाजन के अलावा 28 अन्य लोगों के भी नाम हैं।
उन्होंने कहा, उन पर (महाजन) जलगांव में एक सहकारी शिक्षण संस्थान के एक पदाधिकारी से रंगदारी मांगने और धमकाने का आरोप है। बाद में मामले को जांच के लिए पुणे के कोथरुड पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था।