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उत्तराखंड हाईकोर्ट के नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी

Tue, 17 Nov 2020 10:43 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 17 Nov 2020 10:43 PM IST
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Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari approaches Supreme Court challenging the of notice by Uttarakhand High Court
भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : facebook.com/bsKoshyari

उत्तराखंड हाईकोर्ट की ओर से जारी एक नोटिस को लेकर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक याचिका को लेकर कोश्यारी को नोटिस जारी किया था। इस याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें आवंटित सरकारी बंगले का किराया न भरने के लिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी। 

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कोश्यारी ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुये दलील दी है कि वह इस समय महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और संविधान का अनुच्छेद 361 राष्ट्रपति और राज्यपालों को इस तरह की किसी भी कार्यवाही से संरक्षण प्रदान करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि बाजार दर बगैर किसी तार्किकता के निर्धारित की गR है और यह देहरादून में आवासीय परिसर के हिसाब से बहुत ही ज्यादा है और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बगैर ही निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए था।
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उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिछले साल तीन मई को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आदेश दिया था कि वे मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद सरकारी आवास में रहने की अवधि का बाजार दर से किराया दें। उच्च न्यायालय ने राज्य में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास और दूसरी सुविधाएं प्रदान करने के बारे में 2001 से जारी सभी सरकारी आदेशों को गैरकानूनी और असंवैधानिक घोषित कर दिया था।


उच्च न्यायालय ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्य द्वारा उपलब्ध करायी गयी बिजली, पानी, पेट्रोल, ईंधन और अन्य सुविधाओं की मद की राशि की गणना की जाएगी और इस देय धनराशि की जानकारी सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी जाएगी, जिन्हें ऐसी सूचना मिलने की तारीख से छह महीने के भीतर इसका भुगतान करना होगा।
 

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