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अर्बन नक्सलियों का प्रमुख केंद्र बना महाराष्ट्र: 64 फ्रंटल संगठन सक्रिय, हाईकोर्ट में सरकार ने किया दावा
Thu, 08 Oct 2026 05:35 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला, मुंबई
अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 08 Oct 2026 05:35 AM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल किए गए एक हलफनामे में बताया है कि राज्य शहरी नक्सलियों का गढ़ बन गया है। आखिर राज्य सरकार ने ऐसा क्यों कहा? आइए जानते हैं।
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बॉम्बे हाईकोर्ट।
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने दावा किया है कि राज्य शहरी नक्सलियों (माओवादियों) की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। देश में सबसे अधिक 64 सक्रिय संगठन सूबे में सक्रिय हैं। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 2024 को चुनौती देने वाली कांग्रेस, भाकपा और अन्य सामाजिक संस्थाओं की याचिका के जवाब में यह हलफनामा दाखिल किया है।
सरकार ने हलफनामे में क्या कहा?
राज्य गृह विभाग के उप सचिव प्रीतम कुमार जावले के माध्यम से हाईकोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में दावा किया गया है कि राज्यभर में बढ़ते शहरी माओवादियों के नेटवर्क, उनकी अवैध और विनाशकारी गतिविधियों से निपटने के लिए विशेष कानूनी ढांचा आवश्यक है। इसलिए महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (एमएसपीएसए) 2024 कानून लाया गया है। दरअसल, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 2024 के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है।
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सरकार ने हलफनामे में क्या कहा?
राज्य गृह विभाग के उप सचिव प्रीतम कुमार जावले के माध्यम से हाईकोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में दावा किया गया है कि राज्यभर में बढ़ते शहरी माओवादियों के नेटवर्क, उनकी अवैध और विनाशकारी गतिविधियों से निपटने के लिए विशेष कानूनी ढांचा आवश्यक है। इसलिए महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (एमएसपीएसए) 2024 कानून लाया गया है। दरअसल, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 2024 के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है।
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