फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Maharashtra government minister Subhash Desai met Union Minister G Kishan Reddy and demanded that Marathi language be given status of classical language

महाराष्ट्र: उद्धव सरकार में मंत्री देसाई ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात, कहा- मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दे केंद्र

Mon, 21 Feb 2022 09:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 21 Feb 2022 09:45 PM IST
सार

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुभाष देसाई ने सोमवार को मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मुंबई का दौरा करने की बात भी कही।

विज्ञापन
Maharashtra government minister Subhash Desai met Union Minister G Kishan Reddy and demanded that Marathi language be given status of classical language
जी किशन रेड्डी - फोटो : लोकसभा

विस्तार

महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री सुभाष देसाई ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 27 फरवरी तक मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग की. इस दौरान उन्होंने कहा अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन भी हो सकता है।
विज्ञापन


महाराष्ट्र में उद्योग और मराठी भाषा विभाग का प्रभार संभालने वाले देसाई ने बताया  कि केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस मामले में उनसे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के पक्ष में हैं। इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन


शिवसेना के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि केंद्र ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का फैसला किया तो इसके लिए 27 फरवरी से बेहतर कोई दिन नहीं है। दरअसल, 27 फरवरी मराठी दिवस का गौरव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जी किशन रेड्डी से मुंबई का दौरा करने का भी अनुरोध किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग पर जोर देने के लिए एक अभियान शुरू किया है। इसके तहत राज्य सरकार ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को 1.2 लाख से अधिक पोस्टकार्ड भेजे हैं। सुभाष देसाई ने चेतावनी दी कि राज्य के लोग अभियान के बारे में जागरूक हो गए हैं और अगर मराठी को जल्द ही शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं दिया गया तो उनका मोहभंग हो जाएगा और इससे आंदोलन भी हो सकता है।

इस मौके पर सुभाष देसाई ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा नेता ने पद पर रहते हुए मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया था, लेकिन अब वे इस मामले में चुप हैं। देसाई ने बताया कि उन्होंनें पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रधान मंत्री से मुलाकात करने और मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा सुनिश्चित करने के लिए बात करने की अपील की थी, लेकिन आजकल वह विभिन्न राज्यों में चुनावों में व्यस्त हैं।

देसाई ने कहा कि अब तक केवल छह भारतीय भाषाओं  संस्कृत, तमिल, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और ओडिया को शास्त्रीय भाषाओं के रूप में मान्यता दी गई है। इसके बावजूद मराठी की लगातार अनदेखी की गई।


महाराष्ट्र सरकार ने साहित्यकार रंगनाथ पठारे की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। इस समिति ने मराठी भाषा की प्राचीनता, मौलिकता और निरंतरता और साहित्यिक परंपराओं के बारे में साक्ष्यों का हवाला देते हुए एक शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के मानदंड के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। देसाई ने कहा कि केंद्र द्वारा नियुक्त भाषा विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति ने सात साल पहले इस आशय के एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी, लेकिन इस मामले में आगे कोई प्रगति नहीं हुई है। महाराष्ट्र विधानमंडल ने 2020 में मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के लिए केंद्र को सिफारिश करने के लिए एक सर्वसम्मत प्रस्ताव भी पारित किया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed