महाराष्ट्र : उद्धव सरकार ने मराठा आरक्षण पर सुनवाई के लिए संविधान पीठ बनाने की मांग की
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मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण मामले की सुनवाई के लिए तत्काल एक संविधान पीठ बनाने और मामले की सुनवाई पर लगी रोक को हटाने के लिए याचिका दायर की है।
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को राज्य सरकार के वकील पेश नहीं हो सके। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट में मराठा आरक्षण पर सुनवाई चार हफ्ते के लिए टल गई। इसके बाद मराठा क्रांति दल सरकार के प्रति आक्रामक हो गया है। वहीं, विपक्षी दल भाजपा ने भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सरकार पर जमकर हमला बोला है।
Govt of Maharashtra has filed an application mentioning urgency of a constitution bench for hearing Maratha Reservation issue and also for the hearing of application against the interim stay on the reservation.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 28, 2020
इस पर मराठा आरक्षण को लेकर गठित मंत्रिमंडल की उपसमिति के अध्यक्ष व पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि तकनीकी कारणों से राज्य सरकार के वकील सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं रह सके। राज्य सरकार चाहती थी कि मामले की सुनवाई एक संवैधानिक पीठ के माध्यम से की जाए।इसलिए राज्य सरकार ने मामले को संवैधानिक पीठ के लिए सात अक्तूबर को याचिका भी दी थी जिसे अदालत ने अपने पास रख लिया था। फिलहाल, मराठा आरक्षण पर स्टे लगा है। हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट अंतरिम स्टे हटाए।