फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra government extends its health scheme to 865 villages in Karnataka

Maharasthra: महाराष्ट्र सरकार का सीमा विवाद के बीच आदेश, स्वास्थ्य सेवा का कर्नाटक के 865 गांवों तक विस्तार

Tue, 04 Apr 2023 02:35 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 04 Apr 2023 02:35 PM IST
सार

जीआर में कहा गया है कि अंत्योदय खाद्य योजना के लाभार्थी, प्राथमिकता समूह वाले परिवार (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के तहत) और अन्नपूर्णा राशन कार्ड धारक महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य देखभाल लाभ उठा सकते हैं। 

विज्ञापन
Maharashtra government extends its health scheme to 865 villages in Karnataka
एकनाथ शिंदे(फाइल) - फोटो : Social Media

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार ने कर्नाटक राज्य से चल रहे सीमा विवाद के बीच पड़ोसी राज्य के 865 गांवों को अपनी स्वास्थ्य सेवा योजना का लाभ देने का आदेश दिया है। महाराष्ट्र ने इसे लेकर सोमवार को एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किया है। 

विज्ञापन

12 तहसील के गांव शामिल

जीआर में कहा गया है कि अंत्योदय खाद्य योजना के लाभार्थी, प्राथमिकता समूह वाले परिवार (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के तहत) और अन्नपूर्णा राशन कार्ड धारक महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य देखभाल लाभ उठा सकते हैं। बता दें, बेलगावी, कारवाड़, कलबुर्गी और बीदर में 12 तहसील के 865 गांवों को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना में शामिल किया गया है।

विज्ञापन

प्रतिवर्ष डेढ़ लाख का चिकित्सा बीमा 

इस प्रस्ताव में 996 प्रकार की बीमारियों को शामिल किया है, जिसके उपचार के लिए वहां के परिवारों को प्रतिवर्ष 1.50 लाख रुपये तक का चिकित्सा बीमा मिलेगा। साथ ही लोग विशेषज्ञों से परामर्श भी ले सकेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के कई अस्पतालों को मान्यता दी है जहां लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद क्या है?

कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच चल रहा सीमा विवाद इन दिनों सुर्खियों में हैं। सीमाओं पर प्रदर्शन हो रहे हैं। बीते दिनों बस व ट्रकों पर पथराव जैसी उग्रता भी नजर आई थी।यह सीमा विवाद कर्नाटक के बेलागवी (बेलगाम), उत्तर कन्नड़ा, बीदर और गुलबर्गा जिलों के 814 गांवों से जुड़ा है। इन गांवों में मराठी भाषी परिवार रहते हैं। 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत जब राज्यों की सीमा का निर्धारण हुआ तो ये गांव उस वक्त के मैसूर (वर्तमान कर्नाटक) राज्य का हिस्सा बन गए। महाराष्ट्र इन गांवों पर अपना दावा करता है। 

यह विवाद काफी पुराना 

बॉम्बे प्रेसिडेंसी में कर्नाटक के विजयपुरा, बेलागवी, धारवाड़ और उत्तर कन्नड़ा जिले आते थे। 1948 में बेलगाम म्युनिसिपालिटी ने जिले को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग की थी। लेकिन, स्टेट्स रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 1956 के तहत बॉम्बे प्रेसिडेंसी में शामिल रहे बेलगाम और उसकी 10 तालुका को मैसूर स्टेट (1973 में कर्नाटक नाम मिला) में शामिल किया गया। दलील दी गई कि इन जगहों पर 50% से अधिक कन्नड़भाषी थे, पर विरोधी ऐसा नहीं मानते। उनका दावा है कि करीब 7,000 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले इन इलाकों में मराठी भाषी लोगों की बहुलता है ऐसे में ये इलाके महाराष्ट्र का हिस्सा हैं।  

अब तक इस विवाद में यह हुआ

22 मई, 1966 को सेनापति बापट और उनके साथियों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भूख हड़ताल की। इसके बाद सीमा विवाद के इस मुद्दे को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने लाया गया। इसके बाद इंदिरा सरकार ने अक्टूबर 1966 में विवाद के निपटारे के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मेहर चंद महाजन की अध्यक्षता में महाजन आयोग का गठन किया था। इस आयोग को महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के बीच जारी सीमा विवाद के निपटारे के लिए बनाया गया था। इस आयोग ने कर्नाटक के 264 गांवों को महाराष्ट्र में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था। इसके साथ ही बेलगाम और महाराष्ट्र के 247 गांवों को कर्नाटक में रखने की बात भी कही। महाराष्ट्र ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया। 2004 में महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। 

कर्नाटक का रुख 

कर्नाटक विधानसभा पिछले हफ्ते पेश प्रस्ताव में कहा गया है कि जब भाषाई आधार पर राज्यों का गठन किया गया था, उसी दिन सीमाएं भी निर्धारित कर दी गई थीं। जहां तक कर्नाटक का सवाल है, महाराष्ट्र के साथ उसका कोई सीमा विवाद नहीं है और जस्टिस महाजन समिति की सिफारिशें अंतिम हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed