फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra Government agrees to transfer Palghar Mob Lynching Case to CBI

Palghar Mob Lynching Case: पालघर में साधुओं की हत्या का मामला, महाराष्ट्र सरकार CBI से कराएगी जांच

Tue, 11 Oct 2022 05:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 11 Oct 2022 05:38 PM IST
सार

शिंदे सरकार ने अदालत में दायर हलफनामे में कहा इस मॉब लिंचिंग की सीबीआई जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है। इस हत्याकांड की पूरे देश में निंदा हुई थी। उस वक्त महाराष्ट्र समेत कोरोना लॉकडाउन था। तब राज्य में उद्धव ठाकरे नीत महाविकास अघाड़ी सरकार थी। 

विज्ञापन
Maharashtra Government agrees to transfer Palghar Mob Lynching Case to CBI
एकनाथ शिंदे(फाइल) - फोटो : Social Media

विस्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले में 2020 में साधुओं की पीट-पीटकर हुई हत्या की जांच शिंदे सरकार सीबीआई को सौंपने को तैयार है। राज्य सरकार ने एक हलफनामा दायर कर अपनी यह मंशा जताई। 

विज्ञापन

शिंदे सरकार ने अदालत में दायर हलफनामे में कहा इस मॉब लिंचिंग की सीबीआई जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन


इस हत्याकांड की पूरे देश में निंदा हुई थी। उस वक्त महाराष्ट्र समेत कोरोना लॉकडाउन था। तब राज्य में उद्धव ठाकरे नीत महाविकास अघाड़ी सरकार थी। 

क्या है पूरा मामला
16 अप्रैल 2020 की रात 10 बजे के करीब सुशीलगिरी महाराज (35) और कल्पवृक्ष गिरी महाराज (70) और नीलेश तेलगड़े (30) नामक ड्राइवर के साथ देशव्यापी कोरोना लॉकडाउन के बीच एक कार में सवार होकर मुंबई के कांदिवली से गुजरात के सूरत में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इस बीच गडचिनचाइल गांव में भीड़ ने पुलिस टीम की मौजूदगी में उन पर हमला किया और बेहद ही बर्बरता के साथ उनकी हत्या कर दी थी। 



ग्रामीणों की भीड़ ने इन साधुओं की कार को रोका और उन्हें चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला था। मामले की जांच शुरुआत में पालघर पुलिस ने जांच की थी और बाद में इसे राज्य सीआईडी-अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया था। 

साधुओं ने की थी सीबीआई जांच की मांग
महाराष्ट्र सरकार की जांच पर संदेह जताते हुए साधुओं के रिश्तेदार और जूना अखाड़ा के साधुओं ने सीबीआई और एनआईए जांच की गुहार लगाई थी।

सच्चाई सामने आना चाहिए : नारायण राणे
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने कहा है कि मामले की जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।  महाराष्ट्र सरकार द्वारा पालघर मॉब लिंचिंग मामले की जांच सीबीआई को हस्तांतरित करने पर सहमति पर अपनी प्रतिक्रिया में यह बात कही। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed