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Maharashtra: नकली पनीर बेचने वालों की अब खैर नहीं, FDA का बड़ा एक्शन; 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस किए निलंबित
Wed, 05 Aug 2026 09:51 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 05 Aug 2026 09:51 PM IST
सार
Food and Drug Administration Action: महाराष्ट्र में लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दो महीने में 56 करोड़ रुपये से अधिक के असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त या नष्ट किए गए और 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। सरकार ने नकली पनीर पर भी पूरी तरह रोक लगा दी? ऐसे में सवाल है कि क्या अब मिलावटी और असुरक्षित खाद्य कारोबार पर लगाम लगेगी?
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महाराष्ट्र एफडीए की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
महाराष्ट्र में असुरक्षित और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ा अभियान चलाया है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच राज्यभर में 3,137 होटल, रेस्तरां, भोजनालय और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान 28.66 लाख किलोग्राम असुरक्षित खाद्य पदार्थ, जिनकी कीमत 55.72 करोड़ रुपये थी, जब्त या नष्ट किए गए। एफडीए ने 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए। आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि कार्रवाई पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि जांच के दौरान 764 सुधार नोटिस जारी किए गए। उन्होंने कहा कि लाइसेंस निलंबित होने का मतलब किसी प्रतिष्ठान को हमेशा के लिए बंद करना नहीं है। यदि संबंधित प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करता है तो सुनवाई के बाद उसे राहत दी जा सकती है। अब तक 165 मामलों में से 103 अपीलें मिली हैं और पात्र मामलों में अंतरिम राहत देकर दोबारा संचालन की अनुमति भी दी गई है।
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एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि जांच के दौरान 764 सुधार नोटिस जारी किए गए। उन्होंने कहा कि लाइसेंस निलंबित होने का मतलब किसी प्रतिष्ठान को हमेशा के लिए बंद करना नहीं है। यदि संबंधित प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करता है तो सुनवाई के बाद उसे राहत दी जा सकती है। अब तक 165 मामलों में से 103 अपीलें मिली हैं और पात्र मामलों में अंतरिम राहत देकर दोबारा संचालन की अनुमति भी दी गई है।
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