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महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना मामलों पर विशेषज्ञ बोले: लॉकडाउन नहीं दोहरा मास्क है बचाव का उपाय
Mon, 22 Feb 2021 11:41 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 22 Feb 2021 11:41 AM IST
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coronavirus- Mumbai Police
- फोटो : PTI (File)
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महाराष्ट्र में इस माह दोबारा बढ़ते कोरोना केस को लेकर राज्य सरकार के कोविड-19 कार्यबल के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि लॉकडाउन कठोर उपाय है। वायरस फैलने से रोकने में इसका असर सीमित है। इसकी जगह दोहरा मास्क व छोटे कंटेनमेंट क्षेत्र बनाकर हालात से निपटा जा सकता है।
रात्रि कर्फ्यू का कोई मतलब नहीं
कार्यबल के सदस्य डॉ. शशांक जोशी के अनुसार दोहरा मास्क पहनना (चेहरे को ढंकने के लिए दो स्तरी का का मास्क पहनने) और सूक्ष्म निरूद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देना प्रभावी हो सकता है। एक पैनल चर्चा में उन्होंने कहा, लॉकडाउन कठोर उपाय है। यह (लागू करना) आसान प्रतीत होता है, लेकिन इसकी जरूरत नहीं है और रात्रि कर्फ्यू लगाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविन एप के साथ कुछ समस्या है, जिससे टीकाकरण प्रक्रिया धीमी होती जा रही है। अगर राज्य को अधिक शक्ति मिलती है तो ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर करने में सहयोग मिलेगा। यह पूछने पर कि वर्तमान स्थिति में सरकार को क्या करना चाहिए तो डॉ. जोशी ने कुछ उपाय बताए।
ये उपाय करना बेहतर होंगे
टीकाकरण में राज्यों को ज्यादा अधिकार मिले
कोविड-19 के प्रसार पर राज्य सरकार के तकनीकी सलाहकार डॉ. सुभाष सालुंके ने कहा कि कोरोना वायरस का टीका सुरक्षित है और देश में एक करोड़ से अधिक लोगों को यह टीका दिया जा चुका है और इससे किसी की मृत्यु नहीं हुई है अथवा कोई गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ा है। केंद्र को टीकाकरण अभियान में तेजी लाना चाहिए और टीका वितरण में राज्य सरकारों को ज्यादा अधिकार दिए जाने चाहिए। महाराष्ट्र में शुक्रवार को केवल 14 हजार लोगों को टीका लगाया गया जबकि राज्य में नए संक्रमण में बढ़ोतरी हो रही है।
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रात्रि कर्फ्यू का कोई मतलब नहीं
कार्यबल के सदस्य डॉ. शशांक जोशी के अनुसार दोहरा मास्क पहनना (चेहरे को ढंकने के लिए दो स्तरी का का मास्क पहनने) और सूक्ष्म निरूद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देना प्रभावी हो सकता है। एक पैनल चर्चा में उन्होंने कहा, लॉकडाउन कठोर उपाय है। यह (लागू करना) आसान प्रतीत होता है, लेकिन इसकी जरूरत नहीं है और रात्रि कर्फ्यू लगाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविन एप के साथ कुछ समस्या है, जिससे टीकाकरण प्रक्रिया धीमी होती जा रही है। अगर राज्य को अधिक शक्ति मिलती है तो ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर करने में सहयोग मिलेगा। यह पूछने पर कि वर्तमान स्थिति में सरकार को क्या करना चाहिए तो डॉ. जोशी ने कुछ उपाय बताए।
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ये उपाय करना बेहतर होंगे
- दोहरा मास्क लगाना, शारीरिक दूरी बनाए रखना
- साफ-सफाई में एहतियात बरतना
- छोटे कंटेनमेंट क्षेत्रों का निर्माण करना
- कोरोना वायरस टीका के वितरण का विकेंद्रीकरण
टीकाकरण में राज्यों को ज्यादा अधिकार मिले
कोविड-19 के प्रसार पर राज्य सरकार के तकनीकी सलाहकार डॉ. सुभाष सालुंके ने कहा कि कोरोना वायरस का टीका सुरक्षित है और देश में एक करोड़ से अधिक लोगों को यह टीका दिया जा चुका है और इससे किसी की मृत्यु नहीं हुई है अथवा कोई गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ा है। केंद्र को टीकाकरण अभियान में तेजी लाना चाहिए और टीका वितरण में राज्य सरकारों को ज्यादा अधिकार दिए जाने चाहिए। महाराष्ट्र में शुक्रवार को केवल 14 हजार लोगों को टीका लगाया गया जबकि राज्य में नए संक्रमण में बढ़ोतरी हो रही है।
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