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Hindi News ›   India News ›   Maharashtra Employees of three state-owned power companies to go on 72 hour strike from Jan 4

Strike: निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी में बिजली कंपनियों के कर्मचारी, कल से 72 घंटे की हड़ताल का एलान

Tue, 03 Jan 2023 04:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 03 Jan 2023 04:26 PM IST
सार

महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्ण भोईर ने कहा, ड्राइवरों, वायरमैनों, इंजीनियरों और अन्य कर्चमारियों की तीस से ज्यादा यूनियनें राज्य के स्वामित्व वाली बिजली कंपनियों के निजीकरण के प्रयास के खिलाफ एक साथ आए हैं। 

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Maharashtra Employees of three state-owned power companies to go on 72 hour strike from Jan 4
प्रदर्शन करते बिजली वितरण कंपनियों के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र की तीन सरकारी बिजली कंपनियों की यूनियनों ने निजीकरण के खिलाफ बुधवार से 72 घंटे की हड़ताल की चेतावनी दी है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी, अधिकारी और बिजली कंपनी यूनियनों की एक कार्य समिति 'अभियंता संघर्ष समिति' ने यह आह्वान किया है। 

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निजीकरण के खिलाफ एकसाथ तीस से ज्यादा यूनियनें
महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्ण भोईर ने कहा, ड्राइवरों, वायरमैनों, इंजीनियरों और अन्य कर्चमारियों की तीस से ज्यादा यूनियनें राज्य के स्वामित्व वाली बिजली कंपनियों के निजीकरण के प्रयास के खिलाफ एकसाथ आए हैं। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, महाराष्ट्र राज्य विद्युत ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड और महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिटेड राज्य के स्वामित्व वाली बिजली कंपनियां हैं। 
 

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कर्मचारियों ने ठाणे कलेक्टर कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
उन्होंने कहा, इन कंपनियों के कर्मचारी पिछले दो-तीन सप्ताह से आंदोलन कर रहे हैं, जबकि सोमवार को 15 हजार कर्मचारियों ने ठाणे कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। भोईर ने कहा, तीन बिजली कंपनियों के करीब 86 हजार कर्मचारी, अधिकारी और इंजीनियर, 42 हजार संविदा कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड निजीकरण के विरोध में बुधवार से 72 घंटे की हड़ताल पर जाएंगे। 

उन्होंने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में से एक यह है कि अदाणी ग्रुप की सहायक बिजली कंपनी को पूर्वी मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के भांडुप में लाभ कमाने के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस नहीं दिया जाना चाहिए। 
 

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अदाणी ग्रुप की सहायक कंपनी ने किया था समानांतर लाइसेंस के लिए आवेदन
पिछले साल नवंबर में अदाणी समूह की एक कंपनी ने मुंबई और अन्य क्षेत्रों में अपने बिजली वितरण कारोबार का विस्तार करने के लिए लाइसेंस मांगा था। अदाणी ट्रांसमिशन की सहायक कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी नवी मुंबई लिमिटेड ने भांडुप, मुलुंड, ठाणे, नवी मुंबई, पनवेल, तलोजा और उरण में बिजली वितरण के समानांतर लाइसेंस के लिए महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) में आवेदन दिया था। 
 

मांग पूरी न हुई तो 18 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल
भोइर ने कहा, इस आंदोलन में कोई वित्तीय मांग नहीं, लेकिन हम चाहते हैं कि राज्य के लोगों के स्वामित्व वाली ये बिजली कंपनियां जीवित रहें। इन्हें निजी पूंजीपतियों को नहीं बेचा जाना चाहिए, जो केवल लाभ कमाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह राज्य सरकार को दिए गए हड़ताल के नोटिस में मांगे पूरी न होने पर 18 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। 

बिजली कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल
यूनियन के एक नेता ने बताया कि सरकार ने कहा है कि कंपनियों का निजीकरण करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। इसके बाद अब तीन बिजली कंपनियों के कर्मचारियों ने हड़ताल को वापस ले लिया है। 

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