गिरफ्तारी के बाद बोले डॉक्टर कफील खान- मुझे यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में 12 दिसंबर 2019 को भड़काऊ भाषण देने के मामले में आरोपी बनाए गए डॉक्टर कफील खान को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार देर रात मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पहले मुंबई की सहर पुलिस स्टेशन में रखा गया था। उनका कहना है कि उन्हें यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है।
मुंबई में यूपी एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए जाने को लेकर डॉक्टर कफील ने दावा किया कि उन्हें गोरखपुर में बच्चों की मौत के मामले में क्लीनचिट मिल चुकी है। उन्होंने कहा, 'अब वे मुझे दोबारा फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि वे मुझे महाराष्ट्र में रहने दें, मुझे उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं है।' हालांकि मुंबई की बांद्रा अदालत ने यूपी एसटीएफ को डॉक्टर कफील की ट्रांजिट रिमांड सौंप दी है।
डॉ. कफील और योगेंद्र यादव ने 600 छात्रों को किया था संबोधित
डॉ. कफील के खिलाफ अलीगढ़ के सिविल लाइन थाने में स्थानीय पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें उनपर सीएए विरोध के दौरान भड़काऊ भाषण और धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया गया है। एसटीएफ के अनुसार 12 दिसंबर 2019 की शाम 6.30 बजे डॉ. कफील और स्वराज इंडिया के अध्यक्ष डॉ. योगेंद्र यादव ने एएमयू में लगभग 600 छात्रों की भीड़ को संबोधित किया था।
इस दौरान डॉ. कफील ने अपने भाषण में मुस्लिम छात्रों को उनकी धार्मिक भावना को भड़काने और दूसरे समुदाय के प्रति घृणा, वैमनस्य पैदा करने का प्रयास किया था। उन्होंने अपने भाषण में गृह मंत्री अमित शाह पर भी टिप्पणी की थी। उनके भाषण को स्थानीय पुलिस ने रिकॉर्ड भी किया था।
अलीगढ़ में क्या बोले थे डॉ. कफील
गोरखपुर के सोशल एक्टिविस्ट डॉ. कफील खान ने कहा कि अलीगढ़ में नागरिकता बिल को लेकर कहा था कि इस बिल से घबराने की जरूरत नहीं है। इस बिल को हमें डराने के लिए मोहरा बनाया जा रहा है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। आप लोग अपने सभी दस्तावेज पूरे रखें। यह देश हमारा है और हमारा रहेगा। जो हम चाहेंगे वही होगा।