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Maharashtra: डिप्टी स्पीकर नरहरी झिरवाल मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूदे, जाल की वजह से बची जान
Fri, 04 Oct 2024 03:05 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 04 Oct 2024 03:05 PM IST
सार
मंत्रालय में शुक्रवार को आदिवासी विधायक धनगर समुदाय को अनुसूचित जनजाति कोटे में आरक्षण देने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान झिरवाल विरोध प्रदर्शन के दौरान ही तीसरी मंजिल से कूद गए।
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मंत्रालय में लगे जाल से डिप्टी स्पीकर की बची जान
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर नरहरी झिरवाल मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूद गए। हालांकि मंत्रालय में लगे जाल की वजह से उनकी जान बच गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, झिरवाल धनगर समाज को एसटी कोटे में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं। धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति आरक्षण वर्ग में शामिल करने की मांग लंबे समय से हो रही है।
क्या है पूरा मामला
नरहरी झिरवाल एनसीपी के विधायक हैं। घटना शुक्रवार को घटी, जब धनगर समाज को एसटी कोटे में आरक्षण देने के खिलाफ झिरवाल ने मंत्रालय की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। हालांकि मंत्रालय में जाल लगा होने की वजह से वे जाल पर गिरे, जिससे उनकी जान बच गई। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग की जा रही है। हालांकि आदिवासी वर्ग के नेताओं द्वारा धनगर समाज की इस मांग का विरोध किया जा रहा है। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने भी धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।
दरअसल मंत्रालय में शुक्रवार को आदिवासी विधायक धनगर समुदाय को अनुसूचित जनजाति कोटे में आरक्षण देने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान झिरवाल विरोध प्रदर्शन के दौरान ही तीसरी मंजिल से कूद गए। इसके बाद कुछ और विधायक भी नारेबाजी करते हुए सुरक्षा जाली पर उतर गए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और विरोध कर रहे विधायकों को सुरक्षा जाल से हटाया।
महाराष्ट्र में धनगर समाज के लोगों की संख्या करीब 1.30 लाख
केंद्र सरकार से भी धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति आरक्षण वर्ग में शामिल करने की मांग की थी। बारणे ने बताया कि अनुसूचित जनजाति की सूची में 36 नंबर पर ओरेन, धनगड़ का उल्लेख है। शिवसेना नेता ने दावा किया कि धनगड़ और धनगर एक ही शब्द है। धनगड़ नाम की कोई जनजाति अस्तित्व में नहीं है। महाराष्ट्र में इनकी संख्या 11 प्रतिशत यानी करीब 1.30 लाख है। इस समाज को अनुसूचित जनजाति आरक्षण में शामिल करने की मांग की गई थी।
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क्या है पूरा मामला
नरहरी झिरवाल एनसीपी के विधायक हैं। घटना शुक्रवार को घटी, जब धनगर समाज को एसटी कोटे में आरक्षण देने के खिलाफ झिरवाल ने मंत्रालय की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। हालांकि मंत्रालय में जाल लगा होने की वजह से वे जाल पर गिरे, जिससे उनकी जान बच गई। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग की जा रही है। हालांकि आदिवासी वर्ग के नेताओं द्वारा धनगर समाज की इस मांग का विरोध किया जा रहा है। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने भी धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।
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#WATCH | NCP leader Ajit Pawar faction MLA and deputy speaker Narhari Jhirwal jumped from the third floor of Maharashtra's Mantralaya and got stuck on the safety net. Police present at the spot. Details awaited pic.twitter.com/nYoN0E8F16
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 4, 2024
दरअसल मंत्रालय में शुक्रवार को आदिवासी विधायक धनगर समुदाय को अनुसूचित जनजाति कोटे में आरक्षण देने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान झिरवाल विरोध प्रदर्शन के दौरान ही तीसरी मंजिल से कूद गए। इसके बाद कुछ और विधायक भी नारेबाजी करते हुए सुरक्षा जाली पर उतर गए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और विरोध कर रहे विधायकों को सुरक्षा जाल से हटाया।
महाराष्ट्र में धनगर समाज के लोगों की संख्या करीब 1.30 लाख
केंद्र सरकार से भी धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति आरक्षण वर्ग में शामिल करने की मांग की थी। बारणे ने बताया कि अनुसूचित जनजाति की सूची में 36 नंबर पर ओरेन, धनगड़ का उल्लेख है। शिवसेना नेता ने दावा किया कि धनगड़ और धनगर एक ही शब्द है। धनगड़ नाम की कोई जनजाति अस्तित्व में नहीं है। महाराष्ट्र में इनकी संख्या 11 प्रतिशत यानी करीब 1.30 लाख है। इस समाज को अनुसूचित जनजाति आरक्षण में शामिल करने की मांग की गई थी।
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