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मुंबई में संक्रमण के दैनिक मामले नवंबर के बराबर, कोरोना की दूसरी लहर से लोगों में डर
Sun, 21 Feb 2021 07:03 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sun, 21 Feb 2021 07:03 PM IST
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कोरोना जांच अनिवार्य
- फोटो : PTI
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। वायरस के प्रसार में कमी दर्ज किए जाने के बाद एक फिर वैश्विक महामारी मुंबई को अपने प्रकोप में ले लिया है। पिछले 10 दिन में आए दैनिक मामले पिछले साल नवंबर में आए नए केस के बराबर हैं। कोरोना की दूसरी लहर के डर से लोग दहशत में आ गए हैं।
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फरवरी के पिछले दो हफ्तों में संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। महाराष्ट्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, दैनिक मामलों की संख्या 599 से बढ़कर 897 हो गई है। मुंबई में 14 फरवरी से मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। बता दें कि महाराष्ट्र में अब तक 20,93,913 से अधिक लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से 51,735 लोगों की मौत हो गई। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए उद्धव सरकार दोबारा लॉकडाउन लगा सकती है।
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नवंबर में आते थे इतने मामले
महाराष्ट्र सरकार के कोविड-19 के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल जब सितंबर में कोरोना वायरस के संक्रमण का कहर अपने चरम पर था, उस वक्त मुंबई महीने के अंत में 2,000 दैनिक मामले दर्ज किए गए थे। यह सिलसिला कुछ हफ्तों तक जारी रहा, उसके बाद दैनिक मामलों में गिरावट दर्ज की गई थी। नवंबर में मुंबई में कोरोना के 1,000 दैनिक मामले दर्ज किए गए थे। जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 600-700 के बीच प्रति दिन था।
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मामलों में वृद्धि के लिए लापरवाही जिम्मेदार
कोरोना संक्रमण के मामलों गिरावट दर्ज किए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन में ढील देनी शुरू कर दी थी। 5 नवंबर से सिनेमा हॉल को फिर से खोलने की इजाजत दे दी थी। राज्य सरकार ने फरवरी में लोकल ट्रेनों को भी छोड़ दिया था। कोरोना वायरस टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. संजय ओक ने बताया कि लोगों द्वारा की गई लापरवाही और सरकार सारी पाबंदिया हटाने के चलते मामलों में वृद्धि आई है। हालांकि उन्होंने महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की दूसरी लहर होने की बात से इनकार किया। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि लोगों को अभी संक्रमण को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।