कांग्रेस ने सावरकर की वीरता पर फिर उठाए सवाल, पत्रिका में लिखा- स्वातंत्र्य वीर नहीं, माफीवीर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Tue, 11 Feb 2020 11:52 AM IST
वीर सावरकर
वीर सावरकर - फोटो : SAVARKARSMARAK.COM
विज्ञापन
ख़बर सुनें
उद्धव सरकार में शामिल कांग्रेस ने वीर सावरकर को लेकर एक बार फिर हमला किया है। महाराष्ट्र कांग्रेस की मराठी पत्रिका शिदोरी के फरवरी अंक में सावरकर पर दो लेख छापे गए हैं। पत्रिका में सावरकर पर लेखों को रखा जाए या नहीं, इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस में शुरुआत में असमंजस दिखा। हालांकि बाद में हाइकमान के दखल के बाद इस पत्रिका को रिलीज कर दिया गया।
विज्ञापन


पत्रिका में दो लेख वीर सावरकर पर प्रकाशित किए गए हैं, इनके शीर्षक 'स्वातंत्र्यवीर नव्हे, माफीवीर' (स्वातंत्र्यवीर नहीं, माफीवीर)। और 'अंधारातील सावकर' (सावरकर के अनजाने पहलू) शामिल हैं।

सावरकर स्वातंत्र्यवीर नहीं, माफीवीर

 पहले आलेख में कहा गया है कि सावरकर से जुड़े जो तमाम दस्तावेज सामने आते हैं, उन्हें देखने के बाद वह स्वातंत्र्यवीर नहीं, बल्कि माफीवीर के तौर पर सामने आते हैं। यह लेख मराठी की एक मासिक पत्रिका ‘साम्य योग साधना’ से लिया गया है। वहीं दूसरे लेख में सावरकर के जीवन से जुड़े कुछ बेहद निजी पहलुओं को रखा गया है। इसमें ऐसी घटना का जिक्र है, जो सीधे उनके चरित्र से जुड़ा है।

कांग्रेस पहले भी कर चुकी है सावरकर पर हमला

बता दें कि शिवसेना हमेशा से सावरकर को स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर पेश करती रही है। पिछले दिनों में लोकसभा में शिवसेना ने केंद्र सरकार के सामने सावरकर को भारत रत्न देने की मांग भी रखी थी। यह कोई पहला मौका नहीं होगा, जब सावरकर को लेकर कांग्रेस की ओर से हमला बोला गया हो। इससे पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के सेवादल की ओर से सावरकर पर लिखित आपत्तिजनक सामग्री बांटी गई थी, जिस पर काफी विवाद हुआ था।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने वीर सावरकर को लेकर कांग्रेस पर निशाना भी साधा था। उन्होंने कहा था कि जो लोग वीर सावरकर का विरोध करते हैं वे किसी भी विचारधारा या पार्टी से हों। उन्हें अंडमान के सेल्यूलर जेल में दो दिन रहने दें। जहां सावरकर को बंधक बनाया गया था। तब उन्हें उनके बलिदान और उनके योगदान का अहसास होगा। कांग्रेस के सेवा दल की किताब के किए गए दावे पर भी संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। संजय राउत ने कहा था कि सावरकर महान थे और महान रहेंगे। जो लोग उनकी देशभक्ति पर सवाल उठा रहे हैं और उनकी आलोचना कर रहे हैं, उनके दिमाग में गंदगी भरी है।

कांग्रेस सेवादल के किताब पर हुआ था बवाल

अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल ने जनवरी में भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में ‘वीर सावरकर कितने वीर?’ नाम से एक किताब वितरित की थी जिसे लेकर विवाद हुआ था। इसमें राजनीतिक हिंदूवादी विचारधारा के जनक कहे जाने वाले विनायक दामोदर सावरकर पर सवाल उठाए गए थे। भाजपा ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि कांग्रेस मतिभ्रम की स्थिति में है, इसलिए राष्ट्रभक्तों का अपमान कर रही है। किताब में आरोप लगाया गया था कि सावरकर ने तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत से पैसे लिए थे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00