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महाराष्ट्र कांग्रेस: एंटीलिया मामले के बाद अपने तेवर में आई, सीएम ठाकरे को पार्टी का एजेंडा बताकर बनाया दबाव

Sun, 04 Apr 2021 02:21 AM IST
देव कश्यप सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Sun, 04 Apr 2021 02:21 AM IST
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Maharashtra Congress came in the old form After Antilia case pressurising on CM Uddhav Thackeray
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले - फोटो : ANI

महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी के तीन प्रमुख घटक दलों में से एक कांग्रेस ने भी अब अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। अब तक राज्य सरकार के फैसलों में शिवसेना और एनसीपी की ही तूती बोलती थी। लेकिन एंटीलिया प्रकरण के बाद अब कांग्रेस ने भी अपना वजूद दिखाना शुरू किया है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एचके पाटिल पहली बार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलने पहुंचे और उनके सामने अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया। इसे ठाकरे सरकार पर कांग्रेस का दबावतंत्र माना जा रहा है।

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एचके पाटिल ने राज्य के नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की और न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) के कार्यान्वयन की समीक्षा, निधि वितरण में होने वाले भेदभाव को दूर करने के साथ ही राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पाटिल ने कहा कि निधि वितरण को लेकर कांग्रेस की कुछ आपत्तियां है, जो मुख्यमंत्री के ध्यान में लाई गई। साथ ही, यह भी मांग की गई कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के लिए एक समन्वय समिति बने और घटक दल के दो नेताओं के साथ बैठकर समीक्षा की जाए।

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एचके पाटिल के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले, विधानमंडल में कांग्रेस के नेता और राजस्व मंत्री बाला साहेब थोरात, सार्वजनिक लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण भी मौजूद थे। थोरात ने बताया कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास वर्षा बंगले पर एक घंटे बैठक हुई। हमने मुख्यमंत्री को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिखे पत्र की भी याद दिलाई, जिसमें गरीब आदिवासियों के लिए कल्याण योजना के मद में बजटीय आवंटन का जिक्र किया गया था।
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वहीं, अंदरखाने यह भी चर्चा है कि इस बैठक में शिवसेना सांसद संजय राउत के बयानों को लेकर आपत्ति प्रकट की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संजय राउत जो बयान देते हैं, वह महाविकास आघाड़ी सरकार की सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। राउत ने कहा था कि शरद पवार को यूपीए का नेतृत्व करना चाहिए। इस पर राउत और नाना पटोले के बीच जुबानी जंग देखने को मिली थी। 

 

100 करोड़ वसूली का टार्गेट और वाजे की गिरफ्तारी से बैकफुट पर है एनसीपी-शिवसेना
दरअसल, दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर मिली विस्फोटक कार मामले में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के 100 करोड़ की उगाही के टार्गेट के आरोप से शिवसेना-एनसीपी बैकफुट पर है। एमवीए सरकार ने सीबीआई पर तो प्रतिबंध लगा दिया है कि बिना राज्य सरकार की इजाजत के किसी मामले में केंद्रीय एजेंसी हस्तक्षेप नहीं कर सकती। लेकिन, एंटीलिया प्रकरण में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एंट्री ने शिवसेना और एनसीपी के नेताओं को असहज कर दिया है। इससे कांग्रेस को मुख्यमंत्री ठाकरे पर दबाव बनाने का मौका मिल गया है। यही वजह है कि एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार को यूपीए का चेयरमैन बनाने की शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत के बयान का न केवल पुरजोर विरोध हुआ बल्कि चेतावनी भी दी गई। 

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