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महाराष्ट्र: चांदीवाल आयोग ने नवाब मलिक को जारी किया समन, एंटीलिया केस में लिया था सचिन वाजे और परमबीर सिंह का नाम
Tue, 15 Feb 2022 11:49 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 15 Feb 2022 11:49 PM IST
सार
एंटीलिया बम मामले में एनसीपी नेता नवाब मलिक ने सचिन वाजे और परमबीर सिंह का नाम लिया था। अब वाजे ने कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब की जा रही है।
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नवाब मलिक को कारण बताओ नोटिस
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मुंबई में स्थित उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर एक गाड़ी में बम मिलने से सनसनी फैल गई थी। इसके बाद लगातार इस मामले में नए नए खुलासे होते गए इसमें सचिन वाजे और परमबीर सिंह का नाम भी आया। नवाब मलिक ने बम मामले में वाजे और परमबीर सिंह का नाम लिया था, अब नवाब मलिक को इस केस में न्यायमूर्ति केयू चांदीवाल आयोग ने समन जारी किया है।
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नवाब मलिक ने लिया था सचिन वाजे और परमबीर सिंह का नाम
चांदीवाल आयोग ने नवाब मलिक को 17 फरवरी को पेश होने को कहा है। मुंबई पुलिस से बर्खास्त हो चुके सचिन वाजे ने आयोग के सामने एक आर्टिकल पेश किया जिसमें उन्होंने नवाब के एक बयान का जिक्र किया है कि अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर बम रखने के पीछे परमबीर सिंह और सचिन वाजे का हाथ है।
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वाजे ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
इस आरोप को सचिन वाजे ने बेबुनियाद बताया है और अपने बयान में कहा है कि इस तरह की बेबुनियाद बयानबाजी से छवि खराब की जा रही है। वहीं अब मलिक को एंटीलिया बम केस में सचिन वाजे को लेकर दिए बयान के संदर्भ में आयोग की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
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ये था मामला
बीते साल फरवरी, 2021 मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से भरी स्कॉर्पियो मिलने के कुछ दिनों बाद हिरेन का शव नदी किनारे पाया गया था। गृह मंत्रालय ने मनसुख हिरन की मौत की जांच एनआईए को सौंपी थी। इसके बाद नए-नए खुलासे हुए और तलवार सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे की गर्दन तक आ गई।
शुरुआत में मुंबई पुलिस ने हिरने की मौत को आत्महत्या का मामला बताया था। बाद में हिरेन की पत्नी ने अपने पति की संदिग्ध तरीके से हुई मौत में वाजे के संलिप्त होने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद इस मामले की जांच शुरू हुई तो महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल मच गया। वहीं परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली कराने का आरोप लगाया था।
आयोग का गठन पिछले साल मार्च में हुआ था
महाराष्ट्र सरकार ने परमबीर सिंह के देशमुख के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए पिछले साल मार्च में सेवानिवृत्त न्यायाधीश चांदीवाल की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था। जो मामले की जांच कर रिपोर्ट देगा। इस केस की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है।