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Maharashtra: परीक्षा गड़बड़ी के मामलों के लिए बनीं दो विशेष अदालतें, हाई कोर्ट ने क्यों उठाया यह बड़ा कदम?
Fri, 24 Jul 2026 08:58 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 24 Jul 2026 08:58 PM IST
सार
Bombay High Court: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र में सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी, जिसमें नीट-यूजी की परीक्षा भी शामिल है। इससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए दो विशेष अदालतें नामित की हैं। यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के आश्वासन के एक दिन बाद आया है। ऐसे में सवाल है कि इन विशेष अदालतों से परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई में क्या बदलाव आएगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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परीक्षा गड़बड़ी के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
नीट यूजी समेत सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया। अदालत ने महाराष्ट्र के नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर में दो विशेष अदालतें नामित की हैं, जो सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।
यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े मामलों, जिनमें NEET-UG भी शामिल है, की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का आश्वासन देने के एक दिन बाद लिया गया। मई में हुए नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में परीक्षा से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
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यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े मामलों, जिनमें NEET-UG भी शामिल है, की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का आश्वासन देने के एक दिन बाद लिया गया। मई में हुए नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में परीक्षा से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
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किन अदालतों को विशेष अदालत बनाया गया है?
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे ने छत्रपति संभाजीनगर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस. वी. पवार और नागपुर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुलशन कोल्टे की अदालतों को विशेष अदालत के रूप में नामित किया है। ये दोनों अदालतें सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी और संबंधित मामलों की सुनवाई करेंगी। हाई कोर्ट के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह फैसला केंद्र सरकार के उस निर्देश के तहत लिया गया है, जिसमें कम से कम दो प्रमुख जिलों में ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें नामित करने को कहा गया था।
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