Bhiwandi Building Collapse: भिवंडी हादसे में मृतकों की संख्या सात हुई; 12 को बचाया, इमारत का मालिक हिरासत में
इमारत के भूतल और पहली मंजिल पर गोदाम थे। ऊपरी मंजिल पर चार परिवार रहते थे। जब ढांचा गिरा तो कुछ मजदूर भूतल पर मौजूद थे।
विस्तार
महाराष्ट्र में ठाणे जिले के भिवंडी शहर में बीते दिन ढही दो मंजिला इमारत के मलबे से रविवार को तीन और लोगों के शव बरामद किए गए। हादसे में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (आरडीएमसी) के प्रमुख अविनाश सावंत ने बताया कि अब तक करीब 12 लोगों को बचाया गया है। अभी भी मलबे में दो मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।
इमारत के मालिक को हिरासत में लिया गया
अधिकारियों ने बताया कि मनकोली के वलपाड़ा स्थित वर्धमान कंपाउंड में दो मंजिला इमारत के मालिक को हिरासत में लिया गया है। भिवंडी के पुलिस उपायुक्त नवनाथ धावले ने बताया कि इमारत के मालिक इंद्रपाल पाटिल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। अधिकारी ने कहा कि पाटिल को घटना के संबंध में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। शनिवार को अपराह्न करीब पौने दो बजे इमारत ढह गई थी। दुर्घटना के बाद पिछले 42 घंटे से बचाव अभियान जारी है। फिलहाल एनडीआरएफ के कमांडर दीपक तिवारी के नेतृत्व में एनडीआरएफ की चार टीमें काम कर रही हैं।
#WATCH | Bhiwandi building collapse: Two labourers are suspected to be trapped under debris. Rescue operation is still on for last 34 hours post Bhiwandi Vardhaman Building accident in Maharashtra's Thane on April 29. At present 4 teams of NDRF are working under NDRF Commander… pic.twitter.com/flqqCkL2gu
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 30, 2023
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
सावंत ने बताया कि इमारत के भूतल और पहली मंजिल पर गोदाम थे। ऊपरी मंजिल पर चार परिवार रहते थे। साथ ही कई मजदूर इमारत के भूतल पर काम करते थे। जब ढांचा गिरा तो कुछ मजदूर भूतल पर मौजूद थे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम एवं दमकलकर्मियों समेत विभिन्न एजेंसी के कर्मी बचाव अभियान में जुटे हैं।
तीनों शवों की हुई शिनाख्त
सावंत ने बताया कि रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने मलबे से तीन शव बरामद किए। उनकी पहचान सुधाकर गवई, प्रवीण चौधरी (22) और त्रिवेणी यादव (40) के रूप में हुई है। इससे पहले, नारपोली थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मदन बल्लाल ने बताया कि सुनील पीसा (38) नाम के एक व्यक्ति को रविवार सुबह करीब आठ बजे मलबे से निकाला गया और उसे भिवंडी के इंदिरा गांधी मेमोरियल (आईजीएम) अस्पताल ले जाया गया। गोदाम में लोडिंग व अनलोडिंग के लिए आए एक कंटेनर व दो टेंपो भी मलबे में दब गए। सावंत ने कहा कि यह इमारत खाद्य उत्पाद कंपनी की है। सावंत ने कहा कि ऊपरी मंजिल के मलबे को हटा दिया गया है, लेकिन भूतल और पहली मंजिल का मलबा अभी तक नहीं हटाया जा सका है।
मुख्यमंत्री शिंदे देर शाम घटनास्थल पर पहुंचे थे
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शनिवार देर शाम घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। साथ भिवंडी के आईजीएम अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों से भी भेंट की। यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की, जबकि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं। सीएम शिंदे ने कहा कि पुनर्विकास को लेकर जल्द फैसला लिया जाएगा। मैंने कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन जर्जर भवनों का सर्वेक्षण करें, जो मानसून के मौसम में कभी भी गिर सकते हैं।महानगरपालिका के एक अधिकारी के अनुसार, इमारत लगभग 10 साल पुरानी थी और हाल में इसकी छत पर लगाए गए एक मोबाइल टावर का यह भार नहीं उठा सकी।