{"_id":"63359f5602c3d96c8745915a","slug":"maharashtra-ats-chief-says-pfi-had-plans-to-turn-india-into-islamic-nation-by-2047","type":"story","status":"publish","title_hn":"PFI: 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की योजना बना रहा था पीएफआई, महाराष्ट्र ATS प्रमुख का खुलासा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
PFI: 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की योजना बना रहा था पीएफआई, महाराष्ट्र ATS प्रमुख का खुलासा
Thu, 29 Sep 2022 07:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 29 Sep 2022 07:06 PM IST
सार
यूएपीए यानी विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 3(1) के तहत 5 साल के लिए यह प्रतिबंध लगा है। धारा कहती है, ‘यदि केंद्रीय सरकार की यह राय हो कि कोई संगठन विधि-विरुद्ध है तो अधिसूचना द्वारा उसे विधि विरुद्ध घोषित कर सकेगी।
विज्ञापन
PFI
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर केंद्र सरकार द्वारा पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाने के बाद महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख विनीत अग्रवाल ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठन पीएफआई भारत के खिलाफ खतरनाक साजिश रच रहा था। पीएफआई 2047 तक भारत को एक इस्लामी राष्ट्र में बदलने की योजना बना रहा था। इतना ही नहीं, देश के बड़े नेताओं सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कई नेता उनके रडार पर थे।
विज्ञापन
पीएफआई था देश के लिए धीमा जहर
चरमपंथी संगठन पर प्रतिबंध लगाने के कदम को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना बहुत जरूरी था क्योंकि वे देश के लिए धीमे जहर की तरह थे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र एटीएस ने कई जगहों पर छापा मार कर कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इन लोगों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट भी जब्त किए गए हैं। प्रतिबंध के बाद राज्य में संगठन को भंग कर दिया गया है। अब, उन्हें फिर से संगठित होने या विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
लोगो को भड़काने के लिए खोले थे ट्रेनिंग सेंटर
उन्होंने आगे कहा कि जांच में पता चला है कि पीएफआई ने राज्य के कई जगहों पर प्रशिक्षण केंद्र खोले थे। यहां वे राष्ट्र विरोधी कामों को अंजाम देते थे। पीएफआई अपने कोचिंग सेंटर में पुराने वीडियो और घटनाओं का हवाला देकर लोगों को उकसाने का काम करता था। इसके अलावा पीएफआई उनसे अपनी छतों पर पत्थर, चाकू, तलवार, ईंट, तेज वस्तुओं और अन्य चीजों को रखने के लिए कहता था।
विज्ञापन
2047 तक भारत को इस्लामी राज्य बनाने की थी योजना
एटीएस प्रमुख कहा कि अब तक महाराष्ट्र में 2,000 से अधिक लोगों को प्रतिबंधित संगठन ने ट्रेनिंग दी थी। उन्होंने 2047 तक भारत को एक इस्लामी देश बनाने की योजना बनाई थी, जब भारत स्वतंत्रता के 100 साल पूरे करेगा, लेकिन सरकार के फैसले ने उनकी योजना को विफल कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि एटीएस ने गिरफ्तार पीएफआई सदस्यों के बैंक खातों को भी जब्त कर लिया है और टेरर फंडिंग की भी जांच की जा रही है।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का ट्विटर अकाउंट बंद
आतंकी गतिविधियों में लिप्त संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर केंद्र सरकार द्वारा पांच साल की पाबंदी लगाने के बाद अब उसका ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया गया है। संगठन पर केंद्र सरकार ने नकेल कस दी है। उसके कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को गैर कानूनी गतिविधियां संचालित करने के आरोप मे गिरफ्तार किया गया है। अब उसका ट्विटर अकाउंट भी बंद कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर पाबंदी के साथ ही दो पृष्ठ की अधिसूचना जारी की है। इसमें संगठन की गतिविधियों से लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई का पूरा विवरण है।
पीएफआई पर कैसे लगा प्रतिबंध?
यूएपीए यानी विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 3(1) के तहत 5 साल के लिए यह प्रतिबंध लगा है। धारा कहती है, ‘यदि केंद्रीय सरकार की यह राय हो कि कोई संगठन विधि-विरुद्ध है तो अधिसूचना द्वारा उसे विधि विरुद्ध घोषित कर सकेगी।
कोई संगठन आतंकी है, ऐसे होता है तय
यूएपीए में 2019 के संशोधन के अनुसार किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित किया जा सकता है, ताकि वह प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों या पदाधिकारियों को जोड़कर नये नाम से संगठन न बना ले। संगठन के मामले में केंद्र सरकार ऐसा कदम उठाती है जब संगठन आतंकी गतिविधि में शामिल रहा हो।
ऐसी आतंकी सूची में फरवरी 2022 तक 42 संगठन शामिल थे... इनमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल व सीपीआई माओवादी से लेकर एलटीटीई, लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन तक शामिल हैं।
आतंकी संगठन का मतलब
संगठन का सदस्य होना अपराध। सदस्य को 10 साल जेल, जुर्माना। इनकी फंडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। संपत्तियां जब्त और बैंक खाते फ्रीज होंगे। आतंकी गतिविधि या फंडिंग के जरिये संपत्ति हासिल की तो उम्रकैद तक हो सकती है।