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महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष नाना पटोले ने अपने पद से दिया इस्तीफा
Thu, 04 Feb 2021 05:48 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 04 Feb 2021 05:48 PM IST
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नाना पटोले
- फोटो : ANI
महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष नाना पटोले ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा उपसभापति नरहरि जिरवाल को सौंप दिया है। सूत्रों के अनुसार वे महाराष्ट्र कांग्रेस के अगले अध्यक्ष बन सकते हैं। बता दें कि पटोले पहले भारतीय जनता पार्टी से सांसद थे, लेकिन 2017 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह 11 जनवरी 2018 को कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
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बागी नेता के तौर पर अपनी छवि बनाने वाले पटोले कई पार्टियों में अपनी राजनीति को चमका चुके हैं। उन्होंने शिवसेना के नेता के तौर पर भी काम किया है। 2014 का लोकसभा चुनाव नाना पटोले ने भाजपा के टिकट पर लड़ा था और एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल को हराया था। लेकिन पीएम मोदी के खिलाफ लगातार बयान देने के कारण भाजपा ने इन्हें अलग-थलग कर दिया। जिसके बाद इन्होंने भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
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Maharashtra Assembly Speaker Nana Patole resigns from his post, hands over his resignation to Deputy Speaker Narhari Zirwal. pic.twitter.com/oXNL0Wyn5p
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 4, 2021
शिवसेना छोड़ कांग्रेस में हुए शामिल
पटोले 90 के दशक में शिवसेना को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। 1992 में भंडारा जिला परिषद के चुनाव में पटोले को कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया। तब इन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी मधुकर लीचड़े को हराया।
कांग्रेस से बगावत और घर वापसी का लंबा सिलसिला
हालांकि कुछ दिनों में उनकी पार्टी में वापसी हो गई लेकिन 1995 विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के नेतृत्व से नाराज होकर इन्होंने फिर बगावत का झंडा बुलंद किया। 1995 विधानसभा चुनाव के दौरान पटोले ने लाखांदूर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी प्रमिला के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में दोनों की हार हुई और भाजपा के प्रत्याशी दयाराम ने जीत दर्ज की।
1999 में कांग्रेस में फिर वापसी
एक बार फिर इन्होंने कांग्रेस में वापसी की और 1999-2004 के विधानसभा चुनाव में लाखांदूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की।