महाराष्ट्र: पूर्व CM चव्हाण का दावा- 2022 में BJP आलाकमान की सहमति से बंटी शिवसेना; मुंबई में लाखों रुपये जब्त
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बुधवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व के समर्थन से शिवसेना का 2022 में विभाजन हुआ था। शिवसेना में विभाजन की वजह से महाराष्ट्र में कांग्रेस, शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के घटक वाले महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार का पतन हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण ने कहा कि 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव जून 2022 में हुई घटना की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं, जब शिवसेना विधायकों के एक वर्ग ने पार्टी अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी। शिवसेना में विभाजन के बाद बगावत का नेतृत्व करने वाले एकनाथ शिंदे ने भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई और मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हुए।
नवी मुंबई में कार से 86.50 लाख रुपये जब्त
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के बीच पुलिस ने बुधवार शाम नवी मुंबई के सीवुड्स इलाके में एक कार से 86.50 लाख रुपये नकद जब्त किए। नवी मुंबई पुलिस अधिकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि इलाके में एक कार में बड़ी मात्रा में कैश लाया जा रहा है। जिसके बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने सेक्टर 42ए, सीवुड्स (पश्चिम) में कृष्णा होटल के सामने कार को रोका और वाहन से 8650000 रुपये बरामद किए। कार में तीन व्यक्ति, लोकनाथ गोविंदचंद्र मोहंती (33), रतिलाल अंबाभाई पटेल (38) और विनीत मोहनलाल शर्मा (45) मौजूद थे। अधिकारी के मुताबिक, जब उनसे कार में मौजूद नकदी के बारे में पूछताछ की गई तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
बापूसाहेब पठारे ने मिलते-जुलते नाम बाले निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने की मांग की
पुणे की वडगांव शेरी विधानसभा सीट से एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार बापूसाहेब तुकाराम पठारे ने आरोप लगाया है कि मिलते-जुलते नाम वाले एक निर्दलीय उम्मीदवार ने अपने हलफनामे में अनियमितताएं की हैं। पठारे ने उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की है। पठारे का मुकाबला अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के विधायक सुनील तिंगरे से है। अहिल्यानगर निवासी बापू बबन पठारे ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। बापूसाहेब पठारे ने चुनाव अधिकारियों से संपर्क किया और निर्दलीय उम्मीदवार के हलफनामे में अनियमितताओं का आरोप लगाया। पठारे ने बापू बबन का नामांकन खारिज करने की मांग की। हालांकि, अधिकारियों ने उम्मीदवार को चुनाव में बने रहने की अनुमति दी।
दिवंगत गृह मंत्री के बेटे रोहित पाटिल बोले- अजित पवार के खिलाफ नहीं दूंगा बयान
महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मियों के बीच पूर्व गृह मंत्री आरआर पाटिल के बेटे रोहित पाटिल ने बुधवार को बड़ा बयान दिया। रोहित ने कहा कि वे एनसीपी नेता अजित पवार के खिलाफ कोई बयान नहीं देंगे। मामला अजित पवार की उस टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दिवंगत गृह मंत्री पाटिल पर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया था। गृह मंत्री रहने के दौरान आरआर पाटिल ने अजित पवार के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। मामला सिंचाई विभाग में कथित तौर पर हुए करोड़ों के घोटाले का था। रोहित ने इस संबंध में कहा कि जांच का आदेश इसलिए दिया गया ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
रोहित पाटिल ने कहा कि जब राज्य में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन (एमवीए सरकार) सत्ता में था, तब गृह मंत्री के रूप में उनके पिता ने जांच का आदेश देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए होंगे। बता दें कि एमवीए सरकार के कार्यकाल में जल संसाधन विकास मंत्री रहे अजित पवार पर एक सिंचाई परियोजना में 70,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में संलिप्त होने का आरोप लगा था। रोहित पाटिल ने कहा, 'दादा (अजित पवार) एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने मेरे पिता के साथ काम किया था। वास्तव में, एमवीए सरकार के दौरान, हम 800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं ला सके और दादा ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई। इसके लिए मैं उनका आभारी हूं। इसलिए मैं उनके खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोलूंगा।'