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महाराष्ट्र: सूखाग्रस्त किसानों के साथ भेदभाव का आरोप, कांग्रेस बोली- सरकार को राजनीति करते हुए शर्म आनी चाहिए

Tue, 29 Sep 2026 02:14 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अमन मौर्या Updated Tue, 29 Sep 2026 02:14 PM IST
सार

महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों की लिस्ट में अपने मंत्रियों के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है और विपक्ष के क्षेत्रों की अनदेखी की है। कांग्रेस नेता ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।

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Maharashtra Allegations discrimination against farmers; government should be ashamed playing politics
देवेंद्र फडनवीस - फोटो : Agency

विस्तार

वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार पर सूखाग्रस्त किसानों के साथ राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सूखाग्रस्त इलाकों की लिस्ट में मंत्रियों के चुनावी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है, जबकि विपक्षी दलों के चुनावी क्षेत्रों को छोड़ दिया। कांग्रेस विधायक दल के नेता ने बताया कि राज्य सरकार के 33 मंत्रियों में से 28 मंत्रियों का तालुका (इलाके) सूखा प्रभावित इलाकों की पहली लिस्ट में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के चुनावा क्षेत्रों के किसानों को सरकार द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।
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विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों का नहीं किया दौरा?
सरकार पर किसानों के साथ राजनीति करने का आरोप लगाते हुए वडेट्टीवार ने कहा, 'सूखे पर राजनीति करते हुए सरकार को शर्म आनी चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों ने सूखाग्रस्त इलाकों के हालात का जायजा लेने के लिए विपक्षी विधायकों के चुनावी क्षेत्रों का दौरा तक नहीं किया। उन्होंने बताया कि चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी तालुका को, जोकि गंभीर रूप से सूखे का सामना कर रहा है, सरकार की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। कांग्रेस नेता ने इस जिले को लिस्ट में शामिल करने की मांग की।
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कांग्रेस ने क्या मांग रखी?
अपने एक बयान में कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों को राहत देते समय राजनीतिक बातों को किनारे रखा जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरेगी और सरकार से सवाल करेगी।

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कितने तालुका सूखाग्रस्त घोषित?
बता दें, महाराष्ट्र सरकार ने इस साल कम बारिश के कारण राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं (राज्य का लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा) को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इसके अलावा सरकार ने राहत उपायों की घोषणा भी की है, इनमें फसल ऋण का पुनर्गठन, टैक्स में छूट और बिजली बिल पर सब्सिडी शामिल है।
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