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महाराष्ट्र: ठाणे की अदालत में जज पर चप्पल फेंकने के मामले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, 11 कर्मी किए गए निलंबित
Thu, 26 Dec 2024 08:57 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 26 Dec 2024 08:57 PM IST
सार
Maharashtra: 21 दिसंबर को कल्याण में एक व्यक्ति ने अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश आर जी वाघमारे की ओर अपनी चप्पल फेंक दी थी। जिसके बाद अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिछले दिनों महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक सत्र अदालत में 22 साल के हत्यारोपी युवक ने मामले की सुनवाई के दौरान जज पर चप्पल फेंक दी थी। जिसके बाद कोर्ट के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। अब इस मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। सुरक्षा उल्लंघनों के बाद कथित चूक के लिए ग्यारह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि, 21 दिसंबर को कल्याण में एक व्यक्ति ने अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश आर जी वाघमारे की ओर अपनी चप्पल फेंक दी थी। दरअसल हत्यारोपी किरण संतोष भारम को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरजी वाघमारे के सामने पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत से कहा कि उसका केस किसी और न्यायालय को सौंप दिया जाए। इस पर न्यायाधीश ने आरोपी से अपने वकील के जरिये आवेदन कराने के लिए कहा।
इसके बाद आरोपी युवक के वकील का नाम पुकारा गया। लेकिन वकील कोर्ट में मौजूद नहीं था। फिर कोर्ट ने आरोपी को अन्य वकील का नाम बताने के लिए कहते हुए नई तारीख दे दी। इस पर आरोपी नीचे झुका और अपनी चप्पल निकाली। आरोपी ने चप्पल जज की ओर फेंक दी। पुलिस ने बताया कि चप्पल न्यायाधीश को नहीं लगी बल्कि उनकी मेज के सामने लगे लकड़ी के फ्रेम से टकराकर बेंच क्लर्क के पास गिर गई। घटना को देख अदालत में मौजूद सभी लोग हैरत में पड़ गए।
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इसके बाद में सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक निजी गार्ड को सत्र न्यायालय परिसर में बंदूक के साथ घूमते हुए दिखाया गया था। जबकि कोर्ट परिसर में असलाह ले जाना प्रतिबंधित है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने कहा कि व्यक्ति और निजी गार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा विभाग ने 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जिन पर अदालत परिसर में व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी थी।
डीसीपी ने मीडिया को बताया कि, एक पुलिस अधिकारी सहित ग्यारह पुलिसकर्मियों का निलंबन उचित है, क्योंकि प्रथम दृष्टया सबूतों से इन घटनाओं के दौरान उनकी लापरवाही और कर्तव्य के प्रति लापरवाही सामने आई है।
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एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि, 21 दिसंबर को कल्याण में एक व्यक्ति ने अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश आर जी वाघमारे की ओर अपनी चप्पल फेंक दी थी। दरअसल हत्यारोपी किरण संतोष भारम को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरजी वाघमारे के सामने पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत से कहा कि उसका केस किसी और न्यायालय को सौंप दिया जाए। इस पर न्यायाधीश ने आरोपी से अपने वकील के जरिये आवेदन कराने के लिए कहा।
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इसके बाद आरोपी युवक के वकील का नाम पुकारा गया। लेकिन वकील कोर्ट में मौजूद नहीं था। फिर कोर्ट ने आरोपी को अन्य वकील का नाम बताने के लिए कहते हुए नई तारीख दे दी। इस पर आरोपी नीचे झुका और अपनी चप्पल निकाली। आरोपी ने चप्पल जज की ओर फेंक दी। पुलिस ने बताया कि चप्पल न्यायाधीश को नहीं लगी बल्कि उनकी मेज के सामने लगे लकड़ी के फ्रेम से टकराकर बेंच क्लर्क के पास गिर गई। घटना को देख अदालत में मौजूद सभी लोग हैरत में पड़ गए।
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इसके बाद में सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक निजी गार्ड को सत्र न्यायालय परिसर में बंदूक के साथ घूमते हुए दिखाया गया था। जबकि कोर्ट परिसर में असलाह ले जाना प्रतिबंधित है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने कहा कि व्यक्ति और निजी गार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा विभाग ने 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जिन पर अदालत परिसर में व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी थी।
डीसीपी ने मीडिया को बताया कि, एक पुलिस अधिकारी सहित ग्यारह पुलिसकर्मियों का निलंबन उचित है, क्योंकि प्रथम दृष्टया सबूतों से इन घटनाओं के दौरान उनकी लापरवाही और कर्तव्य के प्रति लापरवाही सामने आई है।