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Mahadayi Dispute: जनसभा में 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' वापस लेने की मांग, सरकार से नदी की बलि न देने का आग्रह

Mon, 16 Jan 2023 10:48 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 16 Jan 2023 10:48 PM IST
सार

विभिन्न संगठनों द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया, गोवा सरकार को महादायी को बचाने के अपने प्रयासों में कमी नहीं करनी चाहिए और किसी के दबाव में नदी की बलि नहीं देनी चाहिए। 

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Mahadayi dispute Public meeting in Goa demands withdrawal of nod given to DPR of Ktaka govt
Goa Public Meeting - फोटो : Goa Public Meeting

विस्तार

समान विचारधारा वाले लोगों और संगठनों की सार्वजनिक बैठक में सोमवार को एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया कि केंद्रीय जल न्यायाधिकरण को महादायी नदी पर बांधों के निर्माण के लिए कर्नाटक सरकार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को दी गई मंजूरी वापस लेनी चाहिए। 

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मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत के निर्वाचन क्षेत्र संखालिम में जनसभा आयोजित की गई। इस जनसभा को महादायी बचाओ अभियान के सचिव राजेंद्र केरकर, गोवा फॉरवर्ड  पार्टी के विजय सरदेसाई, तृणमूल कांग्रेस के कीर्ति आजाद जैसे राजनेताओं समेत पर्यावरणविदों ने संबोधित किया। 
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प्रस्ताव में कहा गया, गोवा सरकार को महादायी को बचाने के अपने प्रयासों में कमी नहीं करनी चाहिए और किसी के दबाव में नदी की बलि नहीं देनी चाहिए। इसमें आगे कहा गया कि महादायी की प्राकृतिक जल मार्ग को मोड़ने के किसी भी प्रयास का राज्य के छह तालुकों में आबादी पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, जो पीने के इस पानी पर निर्भर हैं। 
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प्रस्ताव में आगे कहा गया, यह नदी घाटी के जीवों और वनस्पतियों के साथ-साथ इलाके के लोगों के जीवन और संस्कृति को भी प्रभावित करेगा। महादायी जल स्त्रोत के मोड से पश्चिमी घाट के अस्तित्व को खतरा होगा, जिसे मछउआरों, किसानों, धान के खेतों, खेती की भूमि औऱ नदी के पानी पर निर्भर जैविक संसाधनों के साथ-साथ यूनेस्कों की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। 

बैठक में प्रतिभागियों ने मांग की कि कर्नाटक सरकार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को दी गई मंजूरी जल्द से जल्द वापस ली जाए। गोवा और कर्नाटक में महादायी नदी के पानी के बंटवारे और नदी की सहायक नदियों कलसा और बंडुरी पर बांधों के निर्माण को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा है। प्रस्ताव में कहा गया है कि गोवा जनसंख्या और भूगोल के मामले में पड़ोसी राज्यों से छोटा हो सकता है, लेकिन गोवा के लोगों की आकांक्षाएं छोटी नहीं हैं। 
 

गोवा : आठ महीनों में जब्त की गई 156 किलोग्राम ड्रग्स
चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में गोवा में 3.60 करोड़ रुपये से अधिक की 156 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई और राज्य सरकार ने मादक द्रव्यों के सेवन के खतरे को रोकने के प्रयास तेज कर दिए हैं। राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। 

राज्यपाल ने अपने शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार न केवल अपने नागरिकों बल्कि पर्यटकों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो हर साल बड़ी संख्या में राज्य में आते हैं।

पिल्लई ने कहा, मेरी सरकार न केवल नागरिकों बल्कि आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता राज्य में कुल अपराधों के 84 प्रतिशत की वर्तमान पहचान दर से प्रमाणित है। 

उन्होंने बताया कि सरकार ने नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और यह चालू वित्त वर्ष (2022-23) में नवंबर 2022 तक 361.21 लाख रुपये मूल्य की 156.25 किलोग्राम दवाओं की जब्ती में परिलक्षित हुआ।

कृषि गतिविधियों पर राज्यपाल ने कहा कि गोवा सरकार का इरादा राज्य को खेती और संबद्ध क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाना है, जो एक स्वस्थ और टिकाऊ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। पिल्लई ने कहा, "राज्य में कुल खेती का क्षेत्र 1,44,498 हेक्टेयर है। मेरी सरकार किसानों को जमीन तैयार करने से लेकर उनकी उपज के विपणन तक सहायता प्रदान कर रही है।"

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान नवंबर 2022 तक विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत किसानों को सब्सिडी के रूप में 18.58 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।

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