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महादयी नदी विवाद: गोवा के मुख्यमंत्री सावंत ने कहा- कर्नाटक के साथ अदालत के बाहर कोई समझौता नहीं
Thu, 12 Sep 2019 02:11 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 12 Sep 2019 02:11 PM IST
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प्रमोद सावंत
- फोटो : पीटीआई
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गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गुरुवार को महादयी जल विवाद मुद्दे पर कर्नाटक के साथ किसी भी तरह की बातचीत या अदालत से बाहर कोई समझौता करने से इनकार कर दिया।
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सावंत ने कहा कि गोवा सरकार अपने रुख पर अडिग है कि कर्नाटक को महादयी नदी के पानी को मोड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत से बाहर किसी समझौते या बातचीत का कोई मुद्दा ही नहीं है।
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बता दें कि गोवा में महादयी नदी को मंडोवी नदी के नाम से जाना जाता है। राज्य की राजधानी पणजी मंडोवी के तट पर स्थित है जो भारत की सबसे छोटी नदियों में से एक है।
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यह बरसाती नदी कर्नाटक के बेलगाम जिले के भीमघाड़ में निकलती है। अरब सागर में गिरने से पहले नदी 35 किलोमीटर कर्नाटक एवं 52 किलोमीटर गोवा में बहती है। कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाके पानी की जरूरतों के लिए महादयी पर निर्भर हैं।
प्रसिद्ध जल विशेषज्ञ एसजी बालेकुंडरी ने पहली बार 1970 में महादयी नदी के जल को डायवर्जन करने की योजना बनाई थी। योजना के अनुसार कर्नाटक के धारवाड़ जिले में नवलतीर्थ बांध में नदी का पानी जमा किया जाना था। 1970 में बनाया गया यह बांध अबतक केवल 3 या चार बार ही अपनी क्षमता के बराबर भरा गया है।
कर्नाटक ने मुंबई-कर्नाटक क्षेत्र में पेयजल की जरूरतों के लिए महदायी से 7.56 टीएमसी फीट पानी की मांग की थी। वह महादयी की दो सहायक नदियों कलासा और बंदौरी के बीच बांध बनाना चाहता है। इससे जुड़वा शहर हुबली-धारवाड़ एवं 180 गांवों में पानी की आपूर्ति हो सकती है।