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Maharashtra: तुलजा भवानी मंदिर को पिछले साल की तुलना में मिला दोगुना चढ़ावा, प्रशासन ने बताई इसके पीछे की वजह
Sun, 09 Jul 2023 12:44 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराष्ट्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराष्ट्र
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Sun, 09 Jul 2023 12:44 PM IST
सार
उस्मानाबाद का तुलजा भवानी मंदिर भक्तों के बीच में बहुत प्रसिद्ध है। यहां हर साल लाखों लोग आते हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर में आने वाले भक्तों को परेशानी न हो इस बात का ध्यान रखा जाता है। इसी वजह से चढ़ावे में वृद्धि हुई।
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तुलजा भवानी मंदिर
- फोटो : social media
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विस्तार
भारत के मंदिरों में दिया जाने वाला चढ़ावा हमेशा चर्चा में बना रहता हैं। हर साल मंदिर में आने वाला चढ़ावा नए रिकॉर्ड तोड़ता है। अब महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में प्रसिद्ध तुलजा भवानी मंदिर का चढ़ावा सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। इस साल मंदिर के खजाने में पिछले साल की तुलना में दोगुना इजाफा हुआ है।
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एक वर्ष में हुआ दोगुना चढ़ावा
मंदिर प्रशासन के अनुसार, 2021-2022 के दौरान 29 करोड़ चढ़ावा चढ़ा था, जबकि 2022-2023 में करीब दोगुना होकर 54 करोड़ रुपये हो गया है। मंदिर के अध्यक्ष व उस्मानाबाद कलेक्टर डॉ. सचिन ओमबेस ने शनिवार को कहा कि 54 में से 15 करोड़ रुपये भक्तों द्वारा सशुल्क दर्शन से प्राप्त हुए। वहीं, 19 करोड़ रुपये दान-पेटियों से मिले।
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हर साल आते हैं लाखों लोग
बता दें, उस्मानाबाद के तुलजापुर में स्थित सदियों पुराना तुलजा भवानी मंदिर भक्तों के बीच में बहुत प्रसिद्ध है। यहां हर साल लाखों लोग आते हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर में आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो इस बात का ध्यान रखा जाता है। इसी वजह से मंदिर के चढ़ावे में वृद्धि हुई है।
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ऐसे कमाई की मंदिर ने
उन्होंने कहा कि कई लोग सशुल्क दर्शन सुविधा का लाभ उठाते हैं, जिसके लिए मंदिर प्रति व्यक्ति 500 रुपये शुल्क लेता है। वहीं, पिछले महीने के अंत तक पूरी हुई गणना के अनुसार, 2009 और 2022 के बीच मंदिर को 207 किलोग्राम सोना और लगभग 2,570 किलोग्राम चांदी और अन्य चांदी के बर्तन प्राप्त हुए। 207 किलो सोना पिघलने के बाद मंदिर को 111 किलो शुद्ध 24 कैरेट सोना मिलेगा, जिसकी बाजार कीमत करीब 65 करोड़ रुपये है। ओमबेस ने कहा कि साल 2009 से पहले मंदिर को 47 किलोग्राम शुद्ध सोना प्राप्त हुआ था, जिसे आरबीआई के पास रखा गया है। मंदिर को नियमों के अनुसार इस पर ब्याज मिलता है।
पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना
उन्होंने कहा कि तुलजापुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की अनुमति से बनाया जा रहा मास्टर प्लान अंतिम चरण में है और जल्द ही पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना में मंदिर के कुछ हिस्सों का पुनर्निर्माण, भक्तों के लिए प्रतीक्षालय, एक सूचनात्मक संग्रहालय, उद्यान और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।